
river front lucknow
लखनऊ. उद्घाटन के बाद से ही रिवर फ्रंट युवाओं को लुभा रही थी। सुन्दर लाइटिंग और नदी किनारे का नज़ारा सेल्फी पॉइंट सा बन चुका था। लेकिन सूबे में सरकार बदलते ही जांच के रडार पर आया रिवर फ्रंट शांत हो गया। अब योगी सरकार गोमती नदी को दिव्य और भव्य स्वरूप देने की योजना बना चुकी है। यहां लाइटों के सहारे दिखने वाला डिस्को कल्चर ख़त्म करते हुए धार्मिक झलक दिखलाने की तैयारी है।
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक रुख अपनाते हुए यह निर्णय लिया गया है कि गोमती के अधूरे काम पूरे कराए जाएंगे। जो जांच चल रही हैं वह भी बरकरार रहेंगी। इसके साथ ही गोमती रिवर फ्रंट के पौराणिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने के लिए जो फव्वारे लगाए गए हैं उनमें डिस्को कल्चर खत्म करके रामायण-महाभारत काल की लोकसंस्कृति एवं लोक संगीत को समाहित किया जाएगा। रामायण और महाभारत काल की तस्वीरों की प्रदर्शनी भी की जाएगी ।
नदी की सफाई के अलावा छोड़ा जाएगा अतिरिक्त पानी
नदी को खूबसूरत और साफ बनाने के लिए शारदा नहर से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है । मौजूदा समय में जहां-जहां बिजली बंद थी उसे चालू कराने के निर्देश भी दिए गए हैं ।
तो क्यों रोका गया काम ?
अखिलेश सरकार में 2015 में रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट शुरू हुआ था । बजट 550 करोड़ रुपये से बढ़कर 1467 करोड़ रुपये हो गया जिसके बाद सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की । मामले में 9 अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई भी हुई और सीबीआई जांच भी चल रही है। यही नहीं जेपीएनआइसी भी जांच के रडार पर आई और इन्वेस्टर समिट के लिए चुने जाने पर इसके काम भी खत्म करने के निर्देश दे दीये गए। ऐसे में सवाल उठता है कि जब काम पूरा होना ही था तो इसे पहले रोका क्यों गया ?
Updated on:
04 Jan 2018 06:52 pm
Published on:
04 Jan 2018 05:49 pm
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