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ये है लखनऊ का सबसे क्लीन अस्पताल, मिला नंबर वन का ताज

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान के तहत इन तीन चिकित्सालयों को सम्मानित किया गया।

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Rohit Singh

Mar 30, 2016

Clean Up Green Up

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लखनऊ।
राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल और संस्थान ने साफ़-सफाई और हरियाली के मामले में लखनऊ में नंबर वन स्थान हासिल किया है। वहीं केजीएमयू को दूसरा और एसजीपीजीआई को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान के तहत इन तीन चिकित्सालयों को सम्मानित किया गया। जिसमें राम मनोहर लोहिया अस्पताल और संस्थान को संयुक्त रूप से 50 लाख, केजीएमयू को 30 लाख और एसजीपीजीआई को 20 लाख रुपये प्रदान किये गए। इसके आलावा असपताल के उच्च अधिकारियों को चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव और शंखलाल मांझी की ओर से ट्रॉफी और प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।


बताते चलें कि 13 नवंबर 2014 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ नगरीय क्षेत्र के राजकीय चिकित्सालयों में क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान के तहत साफ़-सफाई और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए इस अभियान की शुरुआत की। जिसके बाद 12 फरवरी 2015 को मुख्यमंत्री ने केजीएमयू, एसजीपीजीआई सहित शहरी क्षेत्र के 9 अस्पतालों को अभियान में शामिल किया। अभियान में प्रथम स्थान पाने वाले को 50 लाख, दूसरे को 30 और तीसरे को 20 लाख रुपये का पुरस्कार देने की बात कही गयी थी।

इन 9 चिकित्सालयों में साफ़-सफाई और हरियाली के स्तर को देखने के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल एसेसर्स समिति का गठन किया गया जिसने 27 अप्रैल 2014 से 14 सितंबर 2015 तक कुल 6 चरणों में अस्पतालों का मानकों के आधार पर निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशालय को पेश की। जिसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सका।

कायाकल्प अभियान में भी नंबर वन है आरएमएल हॉस्पिटल-
केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन अभियान की एक शाखा के रूप में पूरे देश में संचालित कायाकल्प अभियान के तहत लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल को पूरे प्रदेश में नंबर वन स्थान दिया गया है। वहीं डॉ. भीमराव अम्बेडकर जिला चिकित्सालय इटावा को दूसरा और रानी लक्ष्मी बाई चिकित्सालय लखनऊ को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इनको क्रमशः 50 लाख, 20 लाख और 3 लाख के पुरस्कार से नवाजा गया है।

सुविधाओं के अभाव में कुछ अस्पताल हुए निराश
क्लीन ग्रीन यूपी अभियान के तहत अस्पतालों में साफ़-सफाई और हरियाली के मानक तय करने वाली गठित टीम की सदस्य मंजू शुक्ला ने बताया कि राजधानी में कुछ ऐसे अस्पताल हैं जो सुविधाओं के अभाव में मानकों को नहीं पूरा कर सके। उदाहरण के तौर पर हजरतगंज स्थित झलकारी बाई अस्पताल में ग्रीनरी करने की जगह ही नहीं है, लेकिन अस्पतालों को साफ़-सफाई और हरियाली के स्तर पर ही नंबर देने थे। इसलिए कही न कही सुविधाओं के अभाव में कुछ अस्पताल नंबर नहीं ला सके।

कार्यक्रम में छलका केजीएमयू सीएमएस का दर्द-
पुरस्कार समारोह के दौरान लखनऊ में नंबर वन रैंकिंग हासिल न कर पाने के कारण केजीएमयू के सीएमएस एससी तिवारी का दर्द छलक उठा। उन्होंने स्वास्थ्य राज्य मंत्री शंखलाल मांझी से कहा कि केजीएमयू सबसे ज्यादा मरीज देखने वाला लखनऊ का सबसे बड़ा चिकित्सालय है, इसलिए केजीएमयू पर वर्क लोड बहुत है। इसलिए मानकों में वर्क लोड को भी देखना चाहिए।

सफाई कर्मचारी का सबसे बड़ा योगदान-
मंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि अस्पतालों को साफ़-सफाई और हरियाली में उच्च स्थान दिलाने में सफाई कर्मचारियों का सबसे बड़ा योगदान है। मंत्री एसपी यादव ने कहा कि समजावादी पार्टी की सरकार ने प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य को सबसे ऊपर स्थान दिया है इसलिए बीते चार साल पहले घोटाले के विभाग कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को दूसरे प्रदेशों के लोग भी फॉलो कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविन्द कुमार, डीजी हेल्थ सुनील कुमार श्रीवास्तव सहित तमाम अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।

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