
लखनऊ. नोटबंदी से हुई नकदी की किल्लत ने लोगों को खूब परेशान किया था। हालांकि, इसके बाद मार्केट में नए नोट आए। नकदी की किल्लत से बचने के लिए सरकार ने 500 और 2000 के नए नोटों की प्रिंटिंग बढ़ा दी। आलम ये है कि रिजर्व बैंक में अब हर दिन 3 हजार करोड़ की कीमत पर 500 के नए नोट छपते हैं। वित्तीय मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के मुताबिक देश में नकद लेनदेन की स्थिति बेहतर है और लगातार इसकी मांग बढ़ती जा रही है।
बिना कैश के हुई बहुत परेशानी
बीते दिनों लोगों को कैशलेस एटीएम की परेशानी का सामना करना पड़ा। की जगहों पर एटीएम में कई दिनों तक पैसे नहीं होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही थी। लखनऊ में विकास नगर स्थित एक्सिस बैंक के ब्रांच मैनेजर आकाश श्रीवास्तव का कहना है कि नोटबंदी और कैशलेस एटीएम ने लोगों को खूब रुलाया। बाहर रह रहे छात्र हों या कोई बिजनेसमैन, पैसों की कमी ने हर किसी की परेशानी बढ़ायी है।
बता दें कि पिछले साल आरबीआई ने कहा था कि 500 और 2000 के नोटों के बाद जल्दी ही बाजार में एक रुपये के नोट कई रंगों में जारी किए जाएंगे। एक रुपये के नोट भारत सरकार द्वारा छापे जाएंगे। मौजूदा दौर में एक रुपये के नोट अभी भी वैध रहेंगे। हालांकि, इस नोट के आगे का रंग गुलाबी और हरा रहेगा, जबकि पीछे वाले भाग का रंग कई रंगो में हो सकता है।
इसलिए बढ़ी करेंसी
गर्ग के मुताबिक 2000 के नोट उतने चलन में नहीं हैं, जितने कि 500, 200 और 100 के नोट हैं। 2000 के नोटों से लोगों को लोनदोन में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसलिए 500 रुपये की प्रिंटिंग बढ़ा दी गयी। इससे लोगों को लेनदेन में आसानी हो रही है। अब हर दिन 3 हजार करोड़ की लागत से 500 रुपये के नोटों की प्रिंटिंग हो रही है।
Published on:
08 May 2018 08:39 pm
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