10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अखिलेश-मुलायम के घमासान से असमंजस में सैफई, कई दिन से नहीं जले चूल्हे

यदुवंश की महाभारत से दुखी सैफई के निवासी, गलियों में छाया सन्नाटा।

3 min read
Google source verification

image

Sanjeev Mishra

Jan 07, 2017

डॉ.संजीव

सैफई (इटावा). मुझे कोई यदुवंश की नयी राजधानी कहता है, तो कोई मेरी शान-ओ-शौकत से जलता है। कोई कुछ भी कहे, पर इस समय मैं दुखी हूं। मेरे लाड़ले आपस में लड़ रहे हैं और लोग मजे ले रहे हैं। जी हां, मैं सैफई हूं। यदुवंश में चल रही महाभारत से मैं इस समय जबर्दस्त असमंजस में हूं। यूं मेरा आंगन समृद्धि की गाथा सुनाता है किन्तु पिछले कई दिनों से वहां चूल्हे नहीं जले हैं। लोग भूखे हैं और लाड़लों की एकता के लिए पूजा-पाठ तक कर रहे हैं।



यह दर्द सैफई का है और इसे वहां जाकर बखूबी समझा जा सकता है। आसपास के गांवों में तो लोग चटखारे लेकर सैफई के संघर्ष की चर्चा करते हैं किन्तु सैफई के भीतर, क्या पुरुष, क्या महिलाएं सभी दुखी हैें। मेडिकल यूनविर्सिटी से लेकर हवाई पट्टी तक सहेजे सैफई में समाजवादी पार्टी के शीर्ष पुरुष मुलायम सिंह यादव के घर के आसपास लोग तो हैं किन्तु सन्नाटा पसरा है। कहने को यह गांव है किन्तु यहां ठेले पर सब्जी बेचने वाला दिख जाएगा। वह दरवाजे-दरवाजे जा रहा है किन्तु उसकी सब्जी नहीं बिक रही। एक दरवाजा खटखटाता है तो भीतर से महिमा यादव निकलती हैं और सब्जी नहीं खरीदनी कहकर विदा कर देती हैं। यही स्थिति अन्य घरों के बाहर की भी है। महिमा कहती हैं, कैसे खाना बनाएं। कई दिन से गांव के कई घरों में खाना नहीं बना है। सब दुखी हैं। जो हो रहा है, वह नहीं होना चाहिए। सब एक हो जाएं, तो सैफई सबसे ज्यादा खुश होगी। वे बताने लगती हैं, नेताजी सभी बहुओं को बहुत लाड़ करते हैं। अब वे भी परेशान होंगे। हम सब उन्हें परेशान नहीं देख सकते। वहीं मौजूद सोनू कहते हैं, हर गांव वाला दुखी है। किसी को भूख ही नहीं लग रही। अब तो तभी स्थिति सामान्य होगी, जब सब एक हो जाएंगे। इसके लिए पूजा-पाठ भी किये जा रहे हैं।





मजा ले रहे दूसरे

सैफई में रहने वालों से बात करो, तो दर्द की पर्तें उखड़ने लगती हैं। बुजुर्ग जयवीर सिंह ने कहा कि लड़ाई आपस की है और मजा दूसरे ले रहे। वे कहते हैं कि सब एक रहते तो फिर से सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता था। वहीं बैठे जगदंबा प्रसाद कहते हैं कि घर में लड़ाई का नुकसान तो दोनों को ही होगा। सब संग-संग मिलकर चुनाव लड़ें तो सब ठीक हो जाए। अभी पूरा गांव परेशानी में है। सरकार न रही तो विकास रुक जाएगा क्या? पूछने पर पीछे से जवाब आता है, कुछ नहीं रुकेगा। सारी मंजूरी दी जा चुकी है। जयवीर सिंह टोकते हैं, पुराना काम तो पूरा होगा, हां, नया काम नहीं हो पाएगा। फिर भरोसा दिलाते हैं, चिंता न करो, सब ठीक हो जाएगा और सरकार दोबारा बनेगी।

mulayam

नेताजी से उम्मीदें

इतनी खींचतान के बाद भी सैफई ने उम्मीदें नहीं छोड़ी हैं। सबको लगता है कि मुलायम सिंह यादव सब ठीक कर देंगे। राहिन निवासी विजय सिंह कहते हैं, यह पारिवारिक मामला है। नेताजी सर्वोपरि हैं और सबको उनका आदेश मानना होगा। जो वह कह देंगे, सब मानेंगे और स्थितियां बदल जाएंगी। सैफई के ही नगला चतरी निवासी सतीश कहते हैं कि लोग बेमतलब मजा ले रहे हैं। कुछ लोग तो इसे नाटक भी कह रहे हैं किन्तु यह नाटक नहीं है। नाटक होता तो बात इतनी नहीं बढ़ती। अचानक गुस्साते हैं, लोगों को दूसरे की लड़ाई में मजा आ रहा है, ये सब एक होकर उन्हें जवाब देंगे।

ये भी पढ़ें

image