
समाजवादी पार्टी ने 2024 के संसदीय चुनाव से पहले पार्टी में अहम बदलाव किया है। सपा ने एक ही झटके में कई जनपदों के अपने जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष बदल दिए हैं। जारी की गई लिस्ट में जातीय समीकरण को प्राथमिकता दी गई है। आपको बता दें कि नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों में 50 प्रतिशत अन्य पीछड़ा वर्ग यानी OBC वर्ग से आते हैं। सपा ने मुस्लिम वर्ग को भी साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
आगरा - आजाद सिंह जाटव,बांदा - मधूसूदन कुशवाहा, कानपुर ग्रामीण - मुनींद्र शुक्ला, कानपुर नगर -फजह महमूद (महानगर अध्यक्ष), जालौन - दीप राज गुर्जर, जौनपुर - अवधनाथ पाल, गाजीपुर - गोपाल यादव, संत कबीरनगर -अब्दुल कलाम, अंबेडकर नगर - जंग बहादुर, महाराजगंज - विद्या सागर, महोबा - शोभा लाल, ललितपुर - नेपाल सिंह, बिजनौर - अनिल सिंह, एटा - परवेज जुबेरी, बलिया- राजमंगल, अमरोहा - मस्तराम, बस्ती - महेंद्रनाथ, कुशीनगर - शकरुल्लाह अंसारी, इलाहाबाद गंगापार -अनिल यादव, मऊ - दूधनाथ, कानपुर देहात - अरुण कुमार, इलाहाबाद जमुनापार -पप्पूलाल निषादॉ, कासगंज - विक्रम सिंह, गौतमबुद्ध नगर - सुधीर भाटी, उन्नाव - राजेश यादव
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने 32 संसदीय सीटों पर 5 जून, 2022 तक बूथ कमेटियां गठित करने के लिए प्रभारीयों का भी ऐलान कर दिया है। बीते सप्ताह सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में संपन्न हुई थी। इससे पूर्व इस साल के जनवरी महीने में दल ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कई महत्वपूर्ण फेरबदल किए थे। जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश की अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान एसपी चीफ अखिलेश यादव जातीय जनगणना का विषय भी जनता के सामने उठा सकते हैं।
Published on:
26 Mar 2023 08:34 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
