
सपा मीडिया सेल ट्विटर के संचालक मनीष जगन अग्रवाल को रविवार लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थान में तीन मामलों में एफआईआर दर्ज है। मनीष जगन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, मनीष जगन के खिलाफ ट्विटर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ करने के लिए हजरतगंज थाने ले गई है।
“सपा कार्यकर्ता को जल्द रिहा करे पुलिस."
मनीष जगन के गिरफ्तारी के बाद सपा ने ट्विटर पर निंदा की है। सपा ने ट्वीट करते हुए लिखा, "समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मनीष जगन अग्रवाल को लखनऊ पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करना निंदनीय एवं शर्मनाक! सपा कार्यकर्ता को अविलंब रिहा करे पुलिस।"
सपा के सोशल मीडिया सेल ने बीजेपी के कई नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद उनके खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी ट्विटर हैंडल से कई पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी की थी।
"हम यहां की चाय नहीं पी सकते हैं, जहर दे दोगे"
मनीष जगन के गिरफ्तारी के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पुलिस मुख्यालय पहुंचे। जैसे ही अखिलेश के मुख्यालय पहुंचने की खबर ज्वाइंट सीपी पीयूष मोर्डिया को हुई। वह तत्काल हेडक्वार्टर पहुंचे। उन्होंने अखिलेश को चाय का ऑफर किया तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा- यहां की चाय नहीं पीएंगे। बाहर की चाय पीएंगे। हम यहां की चाय नहीं पी सकते हैं, जहर दे दोगे तब...हमें भरोसा नहीं है। सच में भरोसा नहीं है। आप अपनी चाय पीजिए, हम अपनी पीएंगे। इस दौरान उन्होंने एक कार्यकर्ता को बाहर से चाय लाने की बात कही।
मनीष जगन अग्रवाल सीतापुर के रहने वाले हैं। वह जगन्नाथ प्रसाद अग्रवाल के परिवार के सदस्य होने का दावा करते हैं, जो दो बार विधायक और तीन बार संसद सदस्य रहे थे। जगन्नाथ प्रसाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में राज्यसभा सदस्य भी थे।
Published on:
08 Jan 2023 12:59 pm
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