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UP Politics: डॉ हेडगेवार को सिलेबस से बाहर करने पर भड़का संघ परिवार

कर्नाटक की नव निर्वाचित कांग्रेस सरकार ने आते ही पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कामों को बदलना शुुरू कर दिया है। इसके लिए सबसे पहले डॉ हेडगेवार को पाठ्यक्रम से बाहर निकाल दिया है।

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डॉ हेडगेवार

UP Politics: संघ संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार को बच्चों के स्कूली पाठ्यक्रम से बाहर करने पर संघ परिवार के संगठनों ने नाराजगी दिखानी शुरू की है। वहां पर कांग्रेस सरकार ने न केवल डॉ हेडगेवार को पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया है बल्कि केंद्र सरकार की न्यू एजुकेशन पॉलिसी को भी नकार दिया है। जबकि कार्ल मार्क्स और लेनिन जैसे विचारकों को पूर्ववत पाठ्यक्रम में रखा गया है। इसे लेकर जहां कर्नाटक बीजेपी के नेता आक्रोशित है तो वहीं उत्तर प्रदेश में भी संघ परिवार के संगठनों ने नाराजगी प्रगट किया है।

डॉ हेडगेवार को बताया छद्म क्रांतिकारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ हेडगेवार को कर्नाटक कांग्रेस ने छदम क्रांतिकारी बताया है। राज्य के
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि हम न्यू एजुकेशन पॉलिसी को नहीं मानते यह शिक्षा के भगवाकरण की कोशिश है। डॉ हेडगेवार का स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था और वे छदम क्रांतिकारी हैं। कांग्रेस नेताओं ने बाकायदा स्टेटमेंट जारी कर कहा है कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी से बच्चों का दिमाग प्रदूषित हो जाएगा। इसलिए हम इसे हटा रहे हैं। इसे लेकर भारी विरोध भी शुरू हो गया है।

कांग्रेस को कार्ल मार्क्स और लेनिन स्वीकार है डॉ हेडगेवार नहीं
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय पदाधिकारी प्रयागराज निवासी अनुराग पाण्डेय ने आक्रोश प्रगट करते हुए कहा है कि यह कांग्रेस का असली चरित्र है। उसे देशी और राष्ट्रभक्त स्वीकार कैसे हो सकते हैं, जब उसके खुद के संस्थापक ही विदेशी थे। अनुराग पाण्डेय ने कहा है कि कार्ल माक्र्स और लेनिन, स्टालिन को कांग्रेस स्वीकार कर लेगी लेकिन डॉ हेडगेवार जैसे महापुरुष उसे स्वीकार नहीं होंगे।

कांग्रेस का दिमाग खुद ही प्रदूषित है
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि बच्चों का दिमाग प्रदूषित नहीं होगा बल्कि कांग्रेस का दिमाग खुद ही प्रदूषित है। कांग्रेस पार्टी के आधार और प्रेरणा ही विदेशी है तो उसे स्वामी विवेकानंद, डॉ हेडगेवार और शिवाजी जैसे राष्ट्रभक्तों से दिक्कत होगी ही। जिस पार्टी के नेता राहुल गांधी मुस्लिम लीग जैसे संगठन की प्रशंसा करते हों उस पार्टी का दिमागी दिवालियापन समझा जा सकता है।

कांग्रेस बदले की भावना से संकुचित राजनीति करती है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता इंद्रहास पाण्डेय, उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय पदाधिकारी चंद्रमोहन, पूर्व विभाग प्रचारक अरविंद कुमार, विद्यार्थी परिषद के पूर्व संगठन मंत्री अशोक कुमार, विश्व हिंदू परिषद के विशेष संपर्क प्रमुख आशुतोष श्रीवास्तव, विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रांत संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव, बजरंग दल के पदाधिकारी राकेश गुप्ता कहते हैं कि कांग्रेस के लिए यह कोई नहीं बात नहीं है।

वह बदले की संकुचित राजनीति करने वाला दल है और देश में साम्प्रदायिक राजनीति की जनक पार्टी है तो उसे डॉक्टर हेडगेवार जैसे देशभक्त कैसे स्वीकार होंगे। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े आशुतोष श्रीवास्तव कहते हैं कि भूत पिशाच निकट नहीं आवैं, महावीर जब नाम सुनावै यह वैसे ही है कांग्रेस पार्टी के लिए उसे देशभक्तों के नाम से दिक्कत होने लगती है।