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सीएम आवास पर ली सेल्फी तो जाना पड़ेगा जेल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के आसपास फोटो खींचने या फिर सेल्फी लेने वाले को जेल जाना पड़ सकता है।

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लखनऊ

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Laxmi Narayan

Nov 30, 2017

up police

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के आसपास फोटो खींचने या फिर सेल्फी लेने वाले को जेल जाना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रवेश मार्ग से लेकर दूसरी ओर निकास मार्ग तक फोटो खींचने और सेल्फी लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस ने बाकायदा बैनर लगाकर इस बात की चेतावनी दी है।

वीआईपी क्षेत्र का हवाला देकर सेल्फी और फोटो पर प्रतिबंध

यह सूचना किसके आदेश पर अंकित है, यह बैनर पर नहीं लिखा है लेकिन बैनर के रंग से साफ़ है कि यह आदेश पुलिस विभाग की ओर से लगाया गया है। बैनर पर लिखा है - ' इस वी. आई. पी. क्षेत्र में फोटो खीचना व सेल्फी लेना दंडनीय अपराध है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। ' मुख्यमंत्री आवास के बाहर इस तरह का बैनर पहली बार लगाया गया है।

हर रोज बड़ी संख्या में आते हैं फरियादी

संवेदनशील सरकारी दफ्तरों और सुरक्षा के लिहाज से कई महत्वपूर्ण स्थलों पर फोटोग्राफी पर पुलिस और प्रशासनिक अमला फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाता रहा है लेकिन उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास पर इस तरह का प्रतिबंध पहली बार लगाया गया है। प्रतिबंध का कारण मात्र इतना बताया गया है कि यह क्षेत्र वी.आई.पी है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होने वाले जनता दरबार में हर रोज बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। बहुत सारे सेल्फी प्रेमी लोगों के लिए मुख्यमंत्री आवास एक आकर्षक केंद्र नजर आता और वे यहां सेल्फी लेते हैं। इस स्थान पर पत्रकारों का भी बड़ी संख्या में हर रोज आना जाना होता है जो फरियादियों की समस्याओं और वीआईपी लोगों के आवागमन की तस्वीरें कैद करते हैं।

फोटोग्राफी पर पहली बार लगा है प्रतिबंध

मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर इससे पहले इस तरह का प्रतिबंध कभी नहीं रहा है। मायावती के मुख्यमंत्री रहते इस रास्ते पर बैरिकेटिंग लगाए गए थे लेकिन मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस रास्ते से सभी तरह के बैरिकेटिंग हटा दिए गए थे। इसके बाद अखिलेश यादव के कार्यकाल में इस रास्ते पर आवागमन जारी रहा। सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में भी इस रास्ते पर लोगों के आवागमन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन फोटो और सेल्फी पर यह प्रतिबंध पहली बार लगा है। माना जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर यह निर्णय लिया गया है।