
Shivpal
लखनऊ. अयोध्या में धारा 144 के बावजूद बढ़ती भीड़ व सांप्रदायिक हिंसा की आशंका के चलते प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के संयोजक शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को राज्यपाल राम नाईक से राजभवन में मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यालय से महामहिम राज्यपाल के आवास तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे राज्यपाल को ज्ञापन सौप कर अपना विरोध प्रकट किया। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री शादाब फातिमा, पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला, सीपी राय, दीपक मिश्रा सहित तमाम अन्य नेता भी मौजूद रहे।
ज्ञापन में कहा यह-
शिवपाल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर धारा 144 लगी होने के बाद भी अयोध्या में हो रही धर्म सभा पर सवाल उठाए। ज्ञापन में उन्होंने लिखा कि सर्वोच्च न्यायालय में अयोध्या का मामला विचारधीन है। वहीं कुछ संगठनों द्वारा अयोध्या में सांप्रदायित माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। धारा 144 लागू होने की बावजूद भीड़ का इकट्ठा होना राज्य और जिला प्रशासन की मंशा पर संदेह पैदा करती है। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा देने के बावजूद सरकार उसका पालन नहीं कर सकी और पूरा देश दंगों का आग में जला साथ ही काफी जान माल का नुकसान भी हुआ।
शिवपाल ने कहा यह-
राज्यपाल से मुलाकात कर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अयोध्या में फैल रही अराजकता को लेकर आज राज्यपाल से मुलाकात की, पूरे मामले में सरकार मौन है, अयोध्या में धारा 144 की अवहेलना हो रही है। 1992 में एक बार ऐसा हो चुका है कि हालात खराब हो चुके हैं। जब सुप्रीम कोर्ट के मामला है तो वहां के आदेश का इंतजार करना चाहिए। अगर मंदिर बनाना है तो सरयू किनारे बहुत ही जगह पड़ी हुई है। जहां पर बाबरी मस्जिद को गिराया गया था, वहां पर मंदिर बनाने की जिद क्यों है। ऐसा काम ना हो जिससे देश में तनाव और दंगे हो, एक बार पूरी दुनिया में बदनामी हो चुकी है दोबारा ना हो।
लंबी मूर्ति लगाने से लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा-
तमाम जगहों पर धरना प्रदर्शन हो रहा है, न वेतन दिया जा रहा है ना नौकरी, वेतन नौकरी देना ज्यादा जरूरी है। लंबी मूर्ति लगाने से लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा। अब जनता मंदिर और मस्जिद के चक्कर में नहीं आएगी। बड़ी-बड़ी मूर्तियां लगाकर नाम बदलकर कुछ होता नहीं होता है। पूरे प्रदेश में कहीं पर भी विकास का काम नहीं हो रहा। थाना सहित सभी जगहों पर भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है, एसडीएम से सीडीओ तक भ्रष्टाचार में लिप्त है।
पुलिस और प्रसपा कार्यकर्ताओं में हुआ कहा-सुनी-
इस दौरान राजभवन के बाहर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते नजर आए। वहीं कार्यकर्ताओ और पुलिस में कहां सुनी भी हुई। दरअसल पुलिस प्रसपा कार्यकर्ताओं क़ो वहां से हटाने की कोशिस में जुटी रही, लेकिन कार्यकर्ता लगातार राजभवन के गेट पर डटे रहे।
Updated on:
25 Nov 2018 02:20 pm
Published on:
25 Nov 2018 02:20 pm
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