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आरोपित पीएम बन सकता है तो महंत अध्यक्ष क्यों नहीं, अयोध्या के संतों के अलावा अखाड़ा परिषद भी नाराज

- ट्रस्ट की पहली बैठक दिल्ली में चंपतराय और गोपालदास को जगह देने का लाया जाएगा प्रस्ताव- अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा गृहस्थ कुर्सी पर बैठेगा सदस्य संत नीचे, यह होगा संतों का अपमान

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Feb 08, 2020

आरोपित पीएम बन सकता है तो महंत अध्यक्ष क्यों नहीं, अयोध्या के संतों के अलावा अखाड़ा परिषद भी नाराज

आरोपित पीएम बन सकता है तो महंत अध्यक्ष क्यों नहीं, अयोध्या के संतों के अलावा अखाड़ा परिषद भी नाराज

लखनऊ. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठन के बाद से ही छिड़ा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। संतों का कहना है कि अगर आरोपित व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है तो महंत नृत्यगोपाल दास अध्यक्ष क्यों नहीं? उधर, अखिल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा कि एक गृहस्थ ट्रस्ट अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठेगा और सदस्य संत नीचे, यह संतों का अपमान है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि सीबीआई चार्जशीट में इनके नाम शामिल होने से सरकार ने ट्रस्ट गठन में पूरी सावधानी बरती है। जल्द ही जल्द ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महंत नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष व विहिप उपाध्यक्ष चंपत राय को महामंत्री बनाया जा सकता है।

राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि महंत नृत्यगोपाल दास के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए, जो ट्रस्ट में आए हैं, उनकी भी इच्छा है कि नृत्य गोपालदास अध्यक्ष बने। हम भी चाहते हैं कि महंत नृत्यगोपाल दास के सम्मान की रक्षा हो। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में सब साफ हो जाएगा। संत समाज गुस्सा नहीं, बल्कि एकजुट है। रामनवमी से मंदिर का मंगल कार्य प्रारंभ होगा।

आरोपित पीएम बन सकता है तो महंत अध्यक्ष क्यों नहीं
महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट में शामिल नहीं किये जाने से नाराज संतों ने कहा कि जब संविधान में है कि आरोपित होने के बावजूद कोई प्रधानमंत्री बन सकता है, तो नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष क्यों नहीं बनाया गया? उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में आरोपित होने के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह राज्यपाल बनाए गए। जब तमाम आरोपित लोग मंत्री समेत अन्य संवैधानिक पदों पर आसीन हैं तो फिर महंत अध्यक्ष क्यों नहीं बन सकते?

गृहस्थ कुर्सी पर और संत नीचे, यह अपमान : अखाडा़ परिषद
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों के नाम की घोषणा के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का गठन संतों की गरिमा के विपरीत किया गया है। इसमें एक गृहस्थ को अध्यक्ष बनाकर संतों का अपमान किया गया है। ऐसी स्थिति में ट्रस्ट में शामिल संतों को अपने नाम वापस ले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन वाला अध्यक्ष ऊपर वाली कुर्सी पर बैठेगा और ट्रस्ट के सदस्य संत उसके नीचे। यह संतों की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि संतों की कमेटी में गृहस्थ व्यक्ति को शीर्ष पदों पर नहीं बिठाया जाना चाहिए। संत और गृहस्थ को साथ बिठाना है तो संत को उसके ऊपर के पद पर ही बिठाया जाना चाहिए।