
Sleep disorder
लखनऊ. नींद (Sleep) बेहद जरूरी है। आपका शरीर अच्छे से काम करें, इसके लिए न्यूनतम सात से आठ घंटे नींद लेना आवश्यक है। यदि ठीक से नींद नहीं आ रही, तो यह कई तरह के स्लीप डिसॉर्डर के कारण हो सकता है। इन्हीं में से एक है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) (Obstructive Sleep Apnea) सिंड्रोम। लखनऊ में आयोजित 'डेंटल स्लीप मेडिसिन' (Dental Sleep Medicine) पर एक सम्मेलन में इसके बारे में जानकारी दी गई है। बताया गया देश के करीब 40 लाख लोग इससे पीड़ित हैं, खासतौर पर बुजुर्ग व मोटे लोग। और करीब 80 प्रतिशत रोगियों को पता नहीं कि वह ओएसए से पीड़ित हैं। ऐसे में इसके प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है।
नहीं दिया ध्यान, तो हो सकता है घातक-
सरस्वती डेंटल कॉलेज के डीन और सम्मेलन के आयोजक प्रोफेसर अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि मोटापा, रोजमर्रा की जिंदगी में तनाव व सभी दांतों का गिरना ऊपरी वायुमार्ग में संपीड़न की वजह बन सकता है। इससे सांस लेने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अगर इस ओर लंबे समय तक ध्यान न दिया जाए, या इसे अनुपचारिच ही छोड़ दिया जाए, तो इसके परिणाम घातक हो सकते हैं। ध्यान न देने से शरीर की ऑक्सीजन की आवश्यकता प्रभावित हो सकती है, जो हृदय व श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है। रेस्पीरेटरी मतलब श्वसन चिकित्सा में कहा जाता है कि ओएसए का आमतौर पर निरंतर पॉजिटिव वायुमार्गदबाव मशीनों के जरिए इलाज किया जाता है, लेकिन दंत चिकित्सा भी आसान प्रबंधन प्रदान करती है।
इलाज संभव-
विशेषज्ञों ने कहा कि दंत चिकित्सा में इस स्थिति का इलाज मैंडिबुलर उन्नति उपकरण (एडवांसमेंट डिवाइस) के साथ किया जा सकता है। यह एक मौखिक उपकरण है, जो अस्थायी रूप से जबड़े और जीभ को आगे बढ़ाता है, गले के कसने को कम करता है और एयरफ्लो की जगह को बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के लखनऊ कार्यालय के डॉ अंकुर ने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत रोगियों को नहीं पता कि वे ओएसए से पीड़ित हैं और यह कितना ज्यादा घातक हो सकता है। इस कारण लोगों को इसके बारे में बुनियादी जानकारी होनी आवश्यक है।
क्या है स्लीप एपनिया सिंड्रोम-
स्लीप एपनिया सिंड्रोम में इंसान को रात में सोते समय सांस लेने में तकलीफ होती है। कभी-कभी कई सेकेंड्स के लिए इंसान सांस नहीं ले पाता। इस कारण रात में बार-बार उसकी नींद खुलती है, पूरे दिन सिरदर्द बना रहता है। कई दफा सांस रुकने से रक्त ऑक्सीजन में कमी आती है, जिसके कारण इंसान रात भर सो नहीं पाता। इसके चलते खराब गुणवत्ता वाली नींद और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती है। थकान के साथ सुबह वह शुष्क मुंह का अनुभव करता है।
Published on:
21 Sept 2021 04:56 pm
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