इस दौरे के दौरान वो एक जनसभा को सम्बोधित कर रहीं थी लोग उनकी एक झलक पाने और उनका भाषण सुनने के लिए आतुर हो रहे थे। लिहाजा उनमे धक्का मुक्की हो रही थी। इसी दौरान एक शख्स बार बार उनके सामने आने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे रोक रहा था आखिरकार जब वो शख्स नहीं माना तो वहां मौजूद दरोगा ने उसे पकड़ लिया और धक्का देने लगा। इतना सब होते हुए देख आखिरकार स्मृति को अपने भाषण के बीच में ही कहना पड़ा की दरोगा जी छोड़ दीजिये, परेशान मत कीजिए।