
मायावती ने अपने बयानों से न केवल आकाश की वापसी को वैधता दी है बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश भी स्पष्ट रूप से पहुंचाया कि अब उनके बारे में किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं रहनी चाहिए।
गौरतलब है कि 2023 में आकाश आनंद को लेकर बीएसपी के भीतर गंभीर मतभेद सामने आए थे। उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया गया था, और मायावती ने सार्वजनिक मंच से उनके राजनीतिक अनुभव और कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। हालांकि 13 अप्रैल को आकाश ने सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक माफीनामा जारी किया, जिसमें उन्होंने मायावती को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताया और बीएसपी को ही अपनी पहचान माना। इस क्षमायाचना के कुछ ही समय बाद मायावती ने उन्हें पार्टी में फिर से शामिल होने की अनुमति दे दी।
मायावती द्वारा किए गए ये ट्वीट एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। आकाश को पार्टी से हटाने के बाद कार्यकर्ताओं में जो असमंजस और हताशा देखने को मिली, वह मायावती की नजरों से ओझल नहीं रही। वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी और भीम आर्मी जैसी पार्टियों द्वारा दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिशें भी लगातार जारी हैं। ऐसे में मायावती ने राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए आकाश आनंद को दोबारा सक्रिय करने का फैसला लिया।
लोगों की मानें तो यह कदम न केवल पार्टी को संगठित रखने की कोशिश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मायावती अब पार्टी नेतृत्व के भावी चेहरे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करना चाहती हैं। अब देखना यह है कि क्या आकाश एक बार फिर उसी तेवर में दिखाई देते हैं या नहीं।
बसपा प्रमुख ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। मायावती ने कहा कि ऐसे अवसरवादी व स्वार्थी तत्वों से पार्टी के लोग सतर्क रहें और आकाश आनंद का अब हौसला भी जरूर बढ़ाएं ताकि वह पार्टी के कार्यों में पूरे जी-जान से जुट जाएं।
उन्होंने लिखा, ''विदित है कि बीएसपी से जुडे़ कुछ लोग अपनी नासमझी, जोश व लापरवाही या विरोधी पार्टियों के षड्यंत्र के बहकावे में आकर काफी गलती कर बैठते हैं, जिन्हें फिर पार्टी हित में सुधारने के लिए पार्टी की जिम्मेवारी से अलग करना व गंभीर मामलों में निकालना भी पड़ता है।''
मायावती ने आगे लिखा, ''तथा उनमें से कुछ में परिवर्तन आने व माफी मांगने के बाद फिर पार्टी व मूवमेंट के हित में पार्टी में वापस लेना भी पड़ता है। और जबसे पार्टी बनी है तो ऐसा किया जाता रहा है, जिन्हें पार्टी से कई-कई बार निकाला भी है और उन्हें वापस भी लिया है। ऐसा अन्य पार्टियों में भी होता है।''
पूर्व सीएम ने लिखा, ''किंतु आकाश आनंद के मामले में खासकर बहुजन समाज के कुछ स्वार्थी व बिकाऊ लोग, जिन्होंने पार्टी के वोटों को बांटने व कमजोर करने के लिए अपनी अनेकों पार्टी व संगठन आदि बनाए हुए हैं, वे इस बात का मीडिया में आए दिन काफी गलत प्रचार करते रहते हैं।''
आखिरी पोस्ट में मायावती ने लिखा, ''ऐसे अवसरवादी व स्वार्थी तत्वों से पार्टी के लोग सतर्क रहें तथा आकाश आनंद का अब हौसला भी जरूर बढाएं ताकि वह पार्टी के कार्यों में पूरे जी-जान से जुट जाएं। इसी प्रकार, पार्टी में अन्य जो भी लोग वापस लिए गए हैं, उन्हें भी पूरा आदर-सम्मान दिया जाए, जो पार्टी हित में है।''
Updated on:
29 Apr 2025 04:16 pm
Published on:
29 Apr 2025 04:16 pm
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