
यूपी में बीजेपी को घेरने के लिए गांव-गांव जाएंगे विपक्षी दल, इस महीने शुरू होंगी यात्राएं
लखनऊ. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ रणनीति तैयार करने में जुटे विपक्षी दल अब गांव-गांव जाकर मौजूदा सरकार की नाकामियों को गिनाएंगे। इसको लेकर सपा, बसपा, कांग्रेस, आरएलडी व आम आदमी पार्टी ने रणनीति तैयार कर ली है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी आगामी 7 जनवरी से 20 जनवरी के बीच समाजवादी विकास व विजन कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इसमें हर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गांव में जाकर समाजवादी कार्यकर्ता अपनी पार्टी का किसानों को लेकर विजन रखेंगे। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनवरी व फरवरी में उनके नेता गांव-गांव जाकर बीजेपी की किसान विरोधी नीतियों के बारे बताएंगे।
तीन राज्यों के चुनाव ने दी उम्मीद
दरअसल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किसानों कांग्रेस की जीत ने यूपी में भी विपक्षी दलों को बीजेपी का मजबूती से मुकाबला करने की उम्मीद दे दी है। वहां ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस से मिले समर्थन ने इस बात का साफ कर दिया है कि अगर विपक्षी दल ग्रामीण इलाकों में जाकर बीजेपी को घेरेें तो किसानों का एक बड़ा हिस्सा उनके पक्ष में आ जाएगा। इस बात से हर दल परिचित है कि आगमी चुनाव में किसानों की भूमिका सबसे अहम होने वाली है।
साइकल से जाएंगे सपाई
साइकल यात्रा के जरिए संदेश पहुंचाने वाली समाजवादी पार्टी अब गांव की ओर रुख कर रही है। सपा ने तय किया है 2019 में विधानसभा स्तर पर समाजवादी विकास व विजन कार्यक्रम होंगे। सपा ने लगातार विधान सभा के साथ जिला स्तर पर कार्यक्रम तय किया है। यह कार्यक्रम सात 7 जनवरी से 20 तक होंगे। सपा नेता के साथ कार्यकर्ता साइकिल से गांव-गांव गाकर लोगों से सम्पर्क करेंगे।
गांव में रुकेंगे कांग्रेसी
कांग्रेस का फ्रंटल संगठन खेत मजदूर किसान कांग्रेस के पदाधिकारी जनवरी में यूपी आकर लगभग एक माह तक सभी जिलों में जाकर किसानों से मिलेंगे। इस दौरान किसानों के मुद्दों को गहराई से समझकर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को जानकारी देंगे। खेत मजदूर किसान कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व सांसद नाना पटोले ने पत्रिका से बातचीत में इस रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने आगे की रणनीति के बारे में बताया। नाना पटोले ने बताया कि अगले महीने वे अपनी टीम के साथ यूपी के गांव-गांव जाकर रुकेंगे। हर जिले मे चौपाल करेंगे। इसके बाद जो भी मुद्दे निकलकर आएंगे उन्हें मैनिफेस्टो में भी शामिल किया जाएगा। पटोले के मुताबिक, किसान को अन्नादाता कहा जाता है लेकिन मौजूदा समय में अन्नदाता के हालात बेहद खराब हैं। जब से ये सरकार आई है तब से किसानों पर आफत आ गई है।
अन्य दल भी तैयारी में
आएलडी व आम आदमी पार्टी भी गांव-गांव जाकर बीजेपी को घेरने की तैयारी में है। आरएलडी को फिर के खड़ा करने के लिए अजीत सिंह व जयत चौधरी ने एक साल पहले सद्भावना मुहिम छेड़ी थी। किसान (जाट), मुसलमान, कामगार के बीच गांव-गांव जाकर पंचायत की, दंगा प्रभावित गांवों में लोगों को जोड़ा, बीजेपी पर सामाजिक तानाबाना बिगाड़ने का आरोप लगाया। पिता पुत्र की मेहनत रंग लाई और कैराना लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के खुले समर्थन और बीएसपी और कांग्रेस के मूक समर्थन से बीजेपी के मजबूत इस किले को आरएलडी ने ढहाकर जीत दर्ज की थी। इसी मुहिम को आरएलडी आगे बढ़ाएगी।
Updated on:
2 Jan 2019, 2:16 PM IST
Published on:
2 Jan 2019, 2:16 PM IST
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