लोकसभा चुनावों के बाद से भाजपा की साख जनता की निगाहों में सौ फीसदी गिर चुकी है, उसकी चिंता करने के बजाय भाजपा अध्यक्ष का समाजवादी सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करना सिर्फ अपनी कुंठा का प्रदर्शन ही माना जाएगा।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केन्द्र की वकालत में प्रदेश की समाजवादी सरकार को विकास में अवरोधक की बात कहकर अपनी जगहँसाई करा रहे हैं। सबको मालूम है कि प्रदेश में ओलावृष्टि और सूखे से पीडि़त किसानों के लिए केन्द्र को जितनी मदद देनी चाहिए, नही मिली।