
Subrata Roy story: सुब्रत रॉय की कंपनी सहारा तेजी से मार्केट में अपना अलग मुकाम हासिल कर रही थी। जिससे कंपनी के साथ-साथ सुब्रत रॉय का मार्केट में दबदबा भी बन गया था। तभी प्रसनजीत सिंह नाम के इनकम टैक्स अफसर की नजर उनके कारोबार पर पड़ गई। उस समय तक सुब्रत रॉय हवा में उड़ रहे थे। उनके काफी ज्यादा पॉलिटिकल कनेक्शन थे। इस अफसर ने जब सुब्रत रॉय से बेशुमार दौलत को लेकर जवाब मांगा तो उन्होंने कुछ नेताओं के नाम आगे रख दिए।
निवेशकों का पैसा लौटाने की तलवार
मामले में नेताओं को भी अपनी पोल खुलने का डर था। लिहाजा, इन्क्वायरी करने वाले इनकम टैक्स असफर का ही सुब्रत रॉय ने ट्रांसफर करा दिया। तब उन्हें लगा कि शायद बला टल गई है। लेकिन, उनके राहत के दिन लंबे नहीं रहे। 2008 में दोबारा सहारा के बुरे दिन शुरू हो गए। फिर इस सिलसिले ने थमने का नाम नहीं लिया। उस साल शेयर बाजार नियामक सेबी ने उन पर किसी भी और कंपनी के नाम पर निवेश लेने पर रोक लगा दी थी। यहीं से सहारा के खराब दिन शुरू हो गए। वह जेल तक गए। निवेशकों का पैसा लौटाने की तलवार ग्रुप पर आज तक लटकी हुई है।
Updated on:
15 Nov 2023 11:01 am
Published on:
15 Nov 2023 10:59 am

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