
sugarcane
लखनऊ. प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश के क्रम में गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा पेराई सत्र 2018-19 के लिए गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। गन्ना आपूर्ति नीति के आधार पर ही प्रदेश के गन्ना कृषकों को गन्ने की पर्चियांे के निर्गमन सहित आपूर्ति हेतु विस्तृत निर्देश चीनी मिलों को दिये जाते हैं।
गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी इस वर्ष की आपूर्ति नीति में कृषक हित के दृष्टिगत कई बदलाव किये गये हैं। इस वर्ष की आपूर्ति नीति में प्रति हेक्टेयर सट्टे की सीमा को 800 कुन्तल से बढ़ाकर 850 कुन्तल कर दिया गया है।
गन्ना विकास विभाग द्वारा कृषकों की अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए गत दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को पेराई सत्र 2018-19 के लिए बेसिक कोटा माने जाने के निर्देश दिये गये हैं जिससे न केवल कृषकों की गन्ना आपूर्ति में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि चीनी मिलों को भी अधिक गन्ना प्राप्त हो सकेगा।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त द्वारा इस वर्ष की आपूर्ति नीति में पेराई सत्र के मध्य यदि किसी गन्ना आपूर्तिकर्ता कृषक का डबल बाण्ड (दोहरा सट्टा) प्रकाश में आता हैं तो ऐसे प्रकरणों को केन इम्प्लीमेण्टेशन कमेटी की बैठक में रखकर सम्बन्धित कृषक की गन्ना आपूर्ति/गन्ना मूल्य भुगतान पर रोक लगाने की कार्रवाई की जायेगी। इस व्यवस्था के द्वारा गन्ना पर्ची आवंटन में गन्ना माफिया द्वारा बिचैलियांे के माध्यम से फर्जी गन्ना कृषक बनकर जो बड़े पैमाने पर अनुचित पर्चियां प्राप्त कर अनियमित गन्ना आपूर्ति करायी जाती थी वह अब सम्भव नहीं हो सकेगा। इस वर्ष पर्ची निष्कासन की सूचना एस.एम.एस. द्वारा प्रेषित किये जाने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जायेगी तथा प्रेषित एस.एम.एस. दिखा कर कृषकों द्वारा गन्ने की तुलाई कराई जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त जो कृषक ड्रिप इरीगेशन पद्वति से सिंचाई करते हैं उनको अतिरिक्त सट्टा, सामान्य बढ़ोत्तरी एवं उपज बढ़ोत्तरी में प्राथमिकता प्रदान की जायेगी। कृषक वार सट्टा सूची का ग्रामवार प्रदर्शन 15.08.2018 से 30.08.2018 के मध्य संबंधित पर्यवेक्षक/मिल कर्मचारी द्वारा सार्वजनिक स्थल पर किया जायेगा। गन्ना समितियों के नये सदस्य बनने की अन्तिम तिथि 30.09.2018 निर्धारित की गयी है। जो कृषक अतिरिक्त सट्टा हेतु आवेदन करना चाहते है वे दिनांक 15 अक्टूबर, 2018 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हें। अतिरिक्त सट्टा, सामान्य बढ़ोत्तरी एवं उपज बढ़ोत्तरी में अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों के गन्ने को सम्मिलित नहीं किया जायेगा। यदि कोई कृषक किन्हीं विशेष व्यवहारिक कठिनाईयोंवश उसी चीनी मिल के दूसरे क्रय केन्द्रों पर गन्ना आपूर्ति की सुविधा चाहता है तो चीनी मिल एवं संबंधित गन्ना समिति की सहमति के उपरान्त गन्ना तौल परिवर्तन हेतु एक से अधिक बार परिवर्तन अनुमन्य नही होगा। अन्तिम कैलेण्डर जारी करने के उपरान्त गोपनीय पासवर्ड (लाॅक कोड) गन्ना आयुक्त, उ.प्र. द्वारा डाला जायेगा तथा मुख्यालय स्तर पर एक कन्ट्रोल रूम की व्यवस्था की गयी है जिसमें स्थापित टोल फ्री नम्बर 1800-121-3203 पर कृषक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज कराकर समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
Published on:
23 Aug 2018 08:33 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
