
Suicide: उत्तर प्रदेश में आत्महत्या की घटनाओं में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान जहां बड़ी संख्या में लोगों ने खुद को खत्म कर लिया वहीं अब तक आत्महत्याओं का सिलसिला लगातार जारी है। पारिवारिक कलह आर्थिक संकट व तनाव के चलते लोग खुद को खत्म कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ऐसा करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। किस तरह से लोग अपने आप को खत्म कर रहे हैं इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी लखनऊ में एक ही दिन में तान लोगों ने खुद को फांसी लगाकर खत्म कर लिया।
तीन लोगों ने की आत्महत्या
राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर, आलमबाग व आशियाना में किराना व्यवसाई समेत तीन लोगों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। पुलिस तीनों आत्महत्याओं की जांच कर रही है। कृष्णा नगर इलाके के मानस नगर निवासी 52 वर्षीय सुनील चंदानी किराना व्यवसाई थे। शुक्रवार देर शाम उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगा ली। कृष्णानगर इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि परिवार जनों ने सुनील चंदानी के अवसाद का शिकार होने की जानकारी दी है। वहीं, आलमबाग के मवैया निवासी रेल कर्मी 40 वर्षीय अजय कुमार मिश्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आलमबाग इंस्पेक्टर ने बताया कि अजय शराब की लती थे। शुक्रवार रात शराब पीने को लेकर उनकी पत्नी से विवाद हुआ था इसी वजह से अजय ने खुदकुशी कर ली। आशियाना के एलडीए कॉलोनी सेक्टर-एच निवासी 20 वर्षीय मुकेश रावत पेंटिंग का काम करते थे। शुक्रवार रात अपने कमरे में इन्होंने फांसी लगाकर खुद को खत्म कर लिया।
बिना ठोस समस्या के लोग खुद को कर रहे खत्म
अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों ने बिना किसी ठोस कारण के खुद को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब राजधानी लखनऊ में एक साथ तीन लोगों ने आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया हो। कोरोना वायरस संक्रमण दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आत्महत्या की थी। एक महीने में 30 से अधिक आत्महत्या दर्ज की गई थीं। हालांकि, यह सिलसिला अभी भी जारी है। आए दिन आत्महत्या की घटनाएं देखने को मिलती हैं।
क्या कहते हैं एक्सपोर्ट्स
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल की दिनचर्या व भागमभाग जिंदगी को लेकर लोगों का जीवन के प्रति मोहभंग हो रहा है। जिसके चलते लोग आत्महत्या की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपनी जीवनशैली व सामाजिक सक्रियता को बढ़ाना चाहिए। कई बार अकेलेपन के चलते लोग आत्महत्या करते हैं। मनोवैज्ञानिक डॉक्टर जिलानी ने बताया कि आत्महत्या के कई बार अलग-अलग कारण होते हैं। कई बार व्यवसाय में घाटा, पारिवारिक समस्या, प्रेम संबंध में सफल होने के चलते लोग आत्महत्या करते हैं। लेकिन एक व्यक्ति के जीवन में इस तरह की समस्याएं सामान्य है। एक स्वस्थ आदमी इस तरह की समस्याओं में आत्महत्या नहीं कर सकता।
लोगों पर हावी हो रहा तनाव
आजकल के दौर में तनाव लोगों पर हावी रहता है, भागमभाग भरी जिंदगी के चलते लोग परिवार व समाज से दूर जा रहे हैं। ऐसे में कई बार वह अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। कई बार अपना अकेलापन दूर करने के लिए लोग नशे का सहारा लेते हैं और जब उन्हें लगता है कि अब वह काफी आगे निकल आए हैं और उनके पास कोई सहारा नहीं है तो वह जीवन को बोझ समझने लगते हैं और अपने आप को खत्म करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में हमें अपने लोगों के संपर्क में रहना चाहिए और उन से निरंतर बातचीत करनी चाहिए, जिससे उनका अकेलापन व तनाव दूर किया जा सके।
इन बातों का रखें ध्यान
डॉक्टर जिलानी ने बताया कि आत्महत्या का सबसे प्रमुख कारण तनाव अकेलापन है। ऐसे में हमें खुद में वह अपने परिवार में यह देखना चाहिए कि कहीं हम यह हमारे परिवार का कोई सदस्य, मित्र तनाव या अकेलेपन का शिकार तो नहीं हो रहा है। अगर कोई व्यक्ति गुमसुम रहता है, कम बात करता है आंखें मिला कर बात नहीं कर पाता, अकेले कमरे में बंद रहता है, भीड़ भाड़ की जगह पर जाने से बचता है तो हमें उनकी समस्याओं को जानकर बातचीत करनी चाहिए। अगर मामला गंभीर लगे तो तत्काल किसी मनोवैज्ञानिक से इस बारे में सलाह लेनी चाहिए। ऐसा करने से हम किसी भी बुरी स्थिति में पहुंचने से पहले व्यक्ति की मदद कर सकते हैं।
Updated on:
06 Mar 2022 01:44 pm
Published on:
06 Mar 2022 01:31 pm
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