
बुंदेलखंड. महोबा में शादी की खुशियां दूल्हे की दहेज की मांग के कारण बेरंग हो गईं। बारात न आने की खबर से दुल्हन की हल्दी की रस्म को रोक दिया गया है। वहीं, दुल्हन की मायूसी और परिवार के लोग इस बात से परेशान है कि दूल्हे ने एक बाइक और ₹50 हजार की मांग पूरी न होने पर बरात लाने से ही मना कर दिया। जिसके बाद लड़की का परिवार अपनी बेटी के ऊपर टूटे पहाड़ को देखकर परेशान हैं। परिवार दहेज लोभियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा हैं।
गरीब परिवार बना दहेश का शिकार
शहर के बजरिया इलाके में रहने वाले रशीद मजदूरी कर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करते हैं। रशीद की चार बेटियां हैं दो बेटियों को पहले ही शादी हो चुकी है। बीते दिनों तीसरी बेटी की शादी तय हुई थी। सात मार्च को तीसरी बेटी की शादी होनी थी। बेटी की शादी को लेकर परिवार तैयारियों में लगा था, लेकिन शादी के पहले ही लड़के वालों ने दहेज की मांग कर दी। गरीब पिता जब दहेज की मांग को पूरा नहीं कर सका तो लालची दुल्हे ने बरात लाने से मना कर दिया है।
रोकी गई हल्दी का रस्म
पिता और परिजन बताते हैं कि आज घर में रतजगा हल्दी की रस्म की तैयारियां चल रही थीं। मेहमान आ चुके थे और घर वाले बेटी की शादी को लेकर खुशिया मनवा रहे हैं। इसी दौरान लड़के वालों की तरफ से आए एक फोन से शादी की खुशियों में सन्नाटा पसर गया। आरोप है कि दूल्हा फारुख और उसकी बहन ने दहेज के अलावा एक बाइक और ₹50 हजार रुपये की मांग की है। शादी के ठीक पहले लड़के वालो की इस मांग से गरीब पिता के पैरों से जमीन खिसक गई। शादी के ठीक पहले लड़के ने फरमान सुनाते हुए कि बाइक नहीं तो बरात नहीं, बरात लाने से मना कर दिया है।
सदमें में लड़की
बरात लाने से मना करने के बाद बेटी को दुल्हन बनाने का सपना देख रहा परिवार सदमे में है। परिवार के लोग शादी का जोड़ा देखकर मायूस हैं। पिता बताता है कि उसने शादी की तैयारियों को लेकर शादी के कार्ड बांट दिए हैं, खाने- टेंट की व्यवस्था कर दी गई। लेकिन अचानक दहेज की मांग कर उसे लड़के वालों ने उसे लाचार कर दिया है।
Updated on:
06 Mar 2022 01:58 pm
Published on:
06 Mar 2022 01:09 pm
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