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पद्मावत को लेकर यूपी में भी बवाल, फिल्म प्रतिबन्धित न हुई तो हो सकता उग्र आन्दोलन

पद्मावत को लेकर यूपी में भी बवाल हुआ। अगर फिल्म प्रतिबन्धित न हुई तो यूपी में उग्र आन्दोलन हो सकता है।

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लखनऊ. जिस फिल्म को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था, वो आखिरकार सारे विवादों से परे हट ही गयी। संजय लीला भंसाली की पद्मावत को अब बैन से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार इस फैसले का ऐलान कर ही दिया कि पद्मावत हर राज्य में रिलीज की जाएगी। अब ये फिल्म 25 जनवरी को यूपी समेत हर राज्य में दिखाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद से गलियारों में हलचल मच गयी है।

लखनऊ के लोगों को है पद्मावत को बेसब्री से इंतजार

25 जनवरी का लखनऊ की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है। इंदिरानगर की रहने वाली पारुल चौहान का कहना है कि वो दीपिका की बहुत बड़ी फैन हैं और इस नाते वो उनकी फिल्म के रिलीज के इंतजार में हैं। इसी तरह अलीगंज की रहने वाली वर्षा गुप्ता का कहना है कि वो 1 दिसम्बर से पद्मावत की रिलीज का इंतजार कर रही हैं। अब फाइनली ये इंतजार 25 जनवरी को खत्म होगा।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

सुप्रीम कोर्ट जज दीपक मिश्रा का कहना है कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है, तो इसे रिलीज होने से क्यों रोकना। फिल्म को देशभर में बिना किसी रोक टोक के रिलीज किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ये अभिव्यक्ति का मामला है। फिल्म को देशभर में रिलीज होने देना चाहिए। जब बैंडिट क्वीन रिलीज हो सकती है, तो पद्मावत क्यों नहीं हो सकती रिलीज।

बैन लागाने की तैयारी में अब भी करणी सेना

राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी जाएगी। करणी सेना के वकील सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और फिल्म पर बैन लगाने की मांग की जाएगी।

योगी ने किया था भंसाली का विरोध

योगी ने पद्मावत के सिलसिले में कहा था कि अगर फिल्म की बैन पर रोक लगाने वाले लोग गलत हैं, तो उतने ही गलत संजय लीला भंसाली भी हैं। फिल्म को यूपी समेत बाकी राज्यों में रिलीज होने देना चाहिए या नहीं, इसका फैसला सीबीएफसी को ही करना चाहिए। लंबे विरोध के बाद आखिरकार पद्मावत पर से सारे बैन हट गए और इसे हर राज्य में रिलीज करने का एेलान किया गया है।

राजस्थान ने किया था सबसे पहले विरोध

फिल्म को लेकर सबसे पहले राजस्थान ने विरोध प्रकट किया था। किसी ने इसे पब्लिसिटी बताया, तो किसी ने बैन को बेबुनियाद बताया। महीने भर चले विवाद के थमने के बाद फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

इन्हें नहीं है फैसला मंजूर

एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत की रिलीज को ग्रीन सिग्नल दे दिया है, वहीं इस फैसले से नाखुश रायपुर के सर्व राजपूत क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने कहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं मानेंगे और कोर्ट में रिव्यू पेटिशन दायर करेंगे।

क्या कहा निर्माता ने

प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वार्ड चन्द्रचूड़ की खंडपीठ में मामले की सुनवाई की गयी। फिल्म के निर्माता और वायकॉम 18 ने कहा है कि अगर फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाना गलत है। यह भारत की संघीय व्यवस्था पर चोट है। यह एक गंभीर विषय है और अगर किसी को परेशानी है, तो कोर्ट से मदद ले सकते हैं। राज्य फिल्म की कहानी को छू नहीं सकते।

इन राज्यों पर लगा था बैन

गुजरात, मध्‍यप्रदेश और राजस्‍थान और हरियाणा में पद्मावत पर बैन लगने पर मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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