
गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शित होंगी ये झाकिंयां, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ. गणतंत्र दिवस परेड वह मौका होता है जब कोई राज्य देश-विदेश के लोगों को अपने यहां के विभिन्न रीति रिवाजों, धार्मिक संरचनाओं, कला, गौरवान्वित इतिहास को झांकियों के जरिये प्रदर्शित करता है। राजपथ पर होने वाली इस साल की गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day Parade) में इस बार उत्तर प्रदेश की झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। ये झाकियां प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को प्रदर्शित करेंगी। झांकी में बाराबंकी के प्रसिद्ध देवा शरीफ के सूफियाना मिजाज को दिखाया जाएगा। साथ ही गंगा जमुनी तहजीब को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
झांकी में प्रदर्शित होंगे संगीत से जुड़े वाद्यत्र
झांकी में मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का वाद्यंत्र दिखाया जाएगा। इसके अलावा भारतीय शास्त्रीय संस्कृति से जुड़े अन्य वाद्दंत्रों को भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसी प्लेटफॉर्म के नीचे काशी में बहती गंगा और यहां की संस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा।
कलाकार करेंगे परफॉर्म
एक ओर झांकी में देश प्रदेश की सुंदर झलकियां दिखाई जाएंगी, तो वहीं दूसरी ओर झांकी पर कत्थक नृत्य कलाकार परफॉर्म करते नजर आएंगे। इन कालाकारों के पीछे संत कबीर और संत रविदास की प्रतिकृतियां होंगी। इनके पीछे बाराबंकी के देवा शरीफ की झांकी होगी। झांकी के दोनों ओर ग्राउंड एलिमेंट के रूप में कलाकार द्वारा प्रदेश के प्रसिद्ध विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन करते नजर आएंगे।
स्टार्टअप इंडिया भी होगा शामिल
गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार स्टार्टअप इंडिया भी शामिल होगा। इसका उद्देश्य उद्योमिता को बढ़ावा देना होगा। झांकी का विषय 'स्टार्टअप्स : आसमान तक पहुंच' है। इसमें एक स्टार्टअप के जीवनचक्र और उसे सरकार की तरफ से मुहैया कराए जाने वाले संसाधनों को दर्शाया जाएगा। झांकी के अगले हिस्से में रचनात्मक क्रियाएं दिखाई जाएंगी। बीच में स्टार्टअप का पेड़ होगा, जिसमें स्टार्टअप के जरिये मिलने वाली विभिन्न सरकारी सहायतों का वर्णन किया जाएगा। झांकी में सीढि़यां होंगी, जो स्टार्टअप बढ़ाने के विभिन्न चरणों को दिखाएगा। साथ ही इसमें भारतीय कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए आर्थिक विकास को भी दर्शाया जाएगा।
Published on:
22 Jan 2020 03:20 pm

बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
