The kerala story: लव जेहाद की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म द केरल स्टोरी को यूपी में टैक्स फ्री करने के बाद योगी मंत्रीमंडल लोकभवन में फिल्म को देख रहा है। इस दौरान छात्राओं और महिलाओं को भी फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रीमंडल सहयोगियों के साथ लोकभवन में स्पेशल स्क्रीन पर फिल्म द केरल स्टोरी देख रहे हैं। इस दौरान करीब 300 छात्राओं और महिलाओं को भी फिल्म दिखाने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट के 50 से ज्यादा मंत्री-विधायक भी मौजूद हैं। इसके अलावा लोकभवन में कार्यरत करी 50 कर्मचारी और अधिकारी भी फिल्म देख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही द केरल स्टोरी फिल्म की पूरी टीम मुख्यमंत्री योगी से मिलने लोकभवन आई थी।
द केरल स्टोरीज की मूल थीम
यह फिल्म चार युवतियों की कहानी पर आधारित है जो आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ जाती है। हिंदू लडक़ी शालिनी उन्नीकृष्णन बताती है कि वह कैसे आंतकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ जाती है। इस फिल्म में उस हकीकत से दर्शकों को रूबरू कराया जाता है कि कैसे लड़कियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उनका ब्रेन वॉश किया जाता है, उनका धर्म बदलवाया जाता है। शारीरिक शोषण के बाद आंतकी गतिविधियों में डाल दिया जाता है। इस फिल्म को लेकर भाजपा, आरएसएस जहां समर्थन कर रहे हैं, जो वहीं विपक्ष के ज्यादातर दल हमलावर हैं। यही कारण है कि गैर भाजपा शासित राज्यों में इस पर बैन लगाया जा रहा है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में इसे टैक्स फ्री कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने की फिल्म देखने की अपील
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने लोगों से इस फिल्म को देखने की अपील किया है। ब्रजेश पाठक कहते हैं कि लोग इस फिल्म को देखें और समझें कि किस ढंग से हमारी बहनों के साथ अत्याचार हो रहा है। पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है वो तुष्टिकरण के तहत हो रहा है और प्रदेश के लोग इस फिल्म पर प्रतिबंध को स्वीकार नहीं करेंगे। इसी तरह डीप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि वह इस फिल्म को जरुर देखेंगे और लोगों से अपील है कि इस फिल्म को देखें और समझे सच्चाई क्या है।
शिवपाल बोले फिल्म का एजेंडा जहरीला
फिल्मों को सबसे अधिक टैक्स फ्री करने वाली समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने द केरल स्टोरी को टैक्स फ्री करने पर सवाल खड़ा कर दिया था। उन्होंने इसे जहरीला फिल्म बताया था। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने ट्वीट कर लिखा- मनोरंजन को मनोरंजन के लिए के लिए छोड़ दें और सिनेमा व साहित्य का प्रयोग अपने जहरीले एजेंडे को देश पर थोपने के लिए न करें। नफरत की कोख से उपजी कोई भी कला राष्ट्र और समाज के लिए विध्वंसकारी होगी।