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बोले वरुण गांधी – किसान करते रहे ख़ुदकुशी, नेता बढ़ाते रहे वेतन

पिछले दस सालों में एक लाख 28 हज़ार ऐसे किसानों को गिरफ्तार किया गया जिन पर 25 हज़ार से कम का कर्ज था।

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लखनऊ

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Laxmi Narayan

Dec 14, 2017

varun gandhi

लखनऊ. भाजपा सांसद वरुण गांधी ने किसानों की समस्याओं के बहाने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। केंद्र और प्रदेश सरकारों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बोलते हुए वरुण ने पुलिसिया उत्पीड़न, किसानों की ख़ुदकुशी, सांसदों की वेतन बढ़ोत्तरी, पेयजल संकट, आय की असमानता जैसे कई मुद्दों पर एक कार्यक्रम में अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने भाजपा शासित महाराष्ट्र, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश की समस्याओं को भी तीखे अंदाज में सामने रखा। वरुण गाँधी ने लखनऊ में द पीस डायलॉग कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को असमानता का सामना करना पड़ रहा है। कबासी हिडसे नाम की आदिवासी महिला को पुलिस ने नक्सली बताकर अरेस्ट किया। उसके साथ 18 बार रेप किया। रेप से उसका यूट्रस ख़राब हो गया। उसे बारह साल नक्सली बताकर जेल में रखा गया। बाद में उसे रिहा किया गया और सरकार ने माफ़ी मांगी। वरुण ने पंजाब का एक उदाहरण देते हुए बताया कि जिस पुलिस अफसर पर हत्या का आरोप लगा, उस अफसर को पंजाब का डीजीपी बनाया गया।

2016 में 9000 किसानों ने की ख़ुदकुशी की

किसानों की समस्या पर राहुल गांधी सरकार और सिस्टम पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि देश में पिछले दस सालों में एक लाख 28 हज़ार ऐसे किसानों को गिरफ्तार किया गया जिन पर 25 हज़ार से कम का कर्ज था। एक हीरा कारोबारी अपनी बेटी की धूमधाम से शादी करता है जिस पर बैंकों का 16 हज़ार करोड़ रूपये बकाया है। वरुण गाँधी ने पूछा कि यह आदमी जेल में क्यों नहीं है। अकेले वर्ष 2016 में 9000 किसानों ने ख़ुदकुशी की जबकि तालिबानियों ने कुल मिलाकर 2000 लोगों का कत्ल किया है। महाराष्ट्र में ठाकुबाई गुरुले ने स्थानीय लोगों की मदद से पेयजल संकट दूर किया। जब वहां जमीनों की स्थिति बेहतर हो गई तो सरकार ने उसे सेज को देने की योजना बनाई। वहां चार लाख महिलाओं ने हाथों में जहर लेकर आमरण अनशन शुरू किया जिसके बाद सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। तमिलनाडू के किसानों की ख़ुदकुशी के मसले पर जंतर मंत्र पर प्रदर्शन हुआ। किसानों ने मर चुके किसानों के मुंड हाथों में लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने अपना पेशाब पीया। अगले दिन तमिलनाडू विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। मुझे लगा कि किसानों की समस्या पर चर्चा होगी लेकिन उसमें विधायकों का वेतन दोगुना किया गया।

किसानों-गरीबों की सरकार को फिक्र नहीं

वरुण गाँधी ने केंद्र और प्रदेश सरकारों पर परोक्ष रूप से जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी खो गया है। देश में 57 सबसे अमीर लोग देश की 70 करोड़ से ज्यादा आबादी के लोगों के बराबर धन रखते हैं। देश में 86 प्रतिशत नौजवान हाईस्कूल तक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। हम किस शिक्षा और समानता की बात कर रहे हैं। असमानता अन्याय को पैदा करती है। डॉक्टर, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता अपना वेतन बढ़ाने के लिए भीख मांगता है। सांसद अपने मन से वेतन बढ़ा ले, यह शर्मनाक है। हमने 10 सालों में सात गुना वेतन बढ़ाया है।

पेयजल संकट पर आलोचना

वरुण ने पेयजल संकट पर भी परोक्ष रूप से सरकार की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट को समझने के लिए मैं महाराष्ट्र के मराठवाड़ा गया। वहां के जलसंकट को देखते हुए सरकार ने विशेष ट्रेन भेजा। उस ट्रेन को मुंबई से लातूर के बीच 12 बार लूटा गया। महाराष्ट्र में 19 प्रतिशत शहरी आबादी कुल उपलब्ध पेयजल का 76 प्रतिशत उपयोग करती है। उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों की भी यही स्थिति है।

नेताओं पर कटाक्ष

वरुण गांधी ने अप्रत्यक्ष रूप से बड़े नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोहिया जी ने पंडित जी की सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल उठाये तो पंडित जी ने अपनी सुरक्षा पर होने वाला खर्च खुद वहन करना शुरू किया। आज ऐसे सवाल पूछ दिए जाए तो लोग नाराज हो जाएं। उन्होंने सांसदों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये। वरुण ने कहा कि हमने दस सालों में सात गुना वेतन बढ़ा लिया है। संसद में 51 प्रतिशत बिल बिना किसी बहस के पास हो गए। सभी बिलों में से 65 प्रतिशत बिल बिना किसी स्टैंडिंग कमिटी या सलाहकार समिति के तैयार हुए। पिछले पंद्रह सालों में 24 प्रतिशत बिल सत्र के आखिरी समय में पास हुए हैं। वरुण ने सवाल पूछा कि किसको मूर्ख समझ रहे हैं, देश किस तरफ जा रहा है।

कई हस्तियां रहीं कार्यक्रम में मौजूद

कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कि धर्म के नाम पर राजनीति बंद हो। कोई भी धर्म आपस में लड़ना नहीं सिखाता। फिल्म अभिनेता राहुल राय ने कहा कि किसी फिल्म पर बैन लगाने से पहले उसको समझना चाहिए। फिल्में समाज को आईना होती हैं । कांग्रेस नेता डाक्टर संजय सिंह बोले कि पब्लिक नेताओं का चुनाव करती है इसलिए उसे जागरूक होकर वोट करना चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक अब्बास हैदर ने कहा कि कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों से आये प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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