
यूपी में निकाय चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव के लिए हरी झंडी दे दी है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि ओबीसी आयोग ने ट्रिपल टेस्ट के आधार पर अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। इसे प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में रखने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया है।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि चुनाव की घोषणा कब तक हो सकती है। इस पर महाधिवक्ता की ओर से बताया गया कि सरकार इसपर मंथन कर रही है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकते हैं। यानी 24 से 48 घंटे के अंदर यूपी में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी और आचार संहिता भी लागू हो जाएगी।
ओबीसी आरक्षण पर मामला फंसा था
यूपी में ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला फंसा था। सरकार की तरफ से बिना ओबीसी आरक्षण पर सर्वे कराए ही चुनाव की घोषणा कर दी गई थी। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही ओबीसी आरक्षण तय करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया और ट्रिपल टेस्ट के आधार पर आरक्षण तय किया गया।
तय समय से पहले पिछड़ा वर्ग आयोग ने रिपोर्ट तैयार करते हुए 10 मार्च को रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी। इसके बाद रिपोर्ट को कैबिनेट में रखने के बाद सुप्रीम कोर्ट में रखा गया और चुनाव की अधिसूचना के लिए इजाजत मांगी गई थी।
27 फीसदी ओबीसी का तय किया गया कोटा
आयोग की सिफारिशों के आधार पर अब नए सिरे से सीटों का आरक्षण तय होगा। इससे ओबीसी को तय कोटा 27 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। अब सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है तो नगर विकास विभाग इस दिशा में काम शुरू कर देगा। इससे आरक्षण प्रक्रिया पूरी करते हुए अनंतिम सूची जारी की जाएगी। उस पर आपत्ति आने के बाद अंतिम आरक्षण सूची जारी होगी। इसके बाद चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो जाएगा।
Published on:
27 Mar 2023 06:14 pm
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