
ऑलाइन होगा ट्रेड लाइसेंस
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कारोबार करने के आडत्रे आने वाले लाइसेंस राज की दिक्कतें अब बीते दिनों की बातें होंगी। कारोबार करने का लाइसेंस लेने के लिये दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यूपी की योगी सरकार इसके पूरे सिस्टम में ही बदलाव करने जा रही है। शहरी क्षेत्रों के दुकानदारों को लाइसेंस राज से पूरी तरह मुक्ति दिलाते हुए उनके लिये ऑनलाइन लाइसेंस की व्यवस्था करने जा रही है। लाइसेंस देने की जिम्मेदारी तो नगर निकायों के पास होगी, लेकिन व्यवस्था पहले से बदल जाएगी। निकायों को इसके लिये उपविधि में संशोधन करना होगा, जिसके लिये सरकार की ओर से निर्देश भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही यूपी बस एक क्लिक पर लाइसेंस देने वाला राज्य बन जाएगा।
यूपी की योगी सरकार ने आने के साथ ही वादा किया था कि कारोबार की दिक्कतों को दूर कर कारोबारियों को प्रदेश में एक बेहतर और सरल प्रक्रिया वाला माहौल देंगे। इस दिशा में काफी काम भी हुए हैं। कई स्तरों पर सिंगल विंडो सिस्टम प्रणाली सफलता से काम कर रही है। अब ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया को आसान बनाने जा रही है। व्यापारी भी लगातार इस बात की मांग करते रहे हैं कि ट्रेड लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए और उन्हें लाइसेंस राज से मुक्ति मिले।
व्यपारियों और कारोबारियों को लगातार इस बात की शिकायत रही है कि लाइसेंस लेने के नाम पर उन्हें काफी परेशान होना पड़ता है। अधिकारियों की खुशामद करनी पड़ती है और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। तरह-तरह की आपत्तियां लगाकर मामले को लंबा खींचा जाता है। न सिर्फ नए लाइसेंस में बल्कि उसका नवीनीकरण कराने में भी कारोबारियों के पसीने छूटते हैं। पर अब नए निर्देशों से सबकुछ ऑनलाइन हो जाने पर इन दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा।
परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार प्रदेश में कारोबार के पूरे सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिये ऑनलाइन प्रणाली को बढ़ावा देने में लगी है। एक तरफ केन्द्र सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ट्रेड लाइसेंस प्रणाली को बढ़ावा दे रही है। सरकार ने राज्यों को भी इस लाइसेंस प्रणाली को आसान बनाते हुए इसे ऑनलाइन करने को कहा था। इसके बाद ही यूपी के सभी निकायों को ट्रेड लाइसेंस देने की व्यवस्था को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है।
नए निर्देश के तहत लाइसेंस व्यवस्था के साथ ही लाइसेंस शुल्क भी ऑनलाइन ही लिया जाएगा। निकायों से कौन-कौन से ट्रेड लाइसेंस बन सकते हैं और इसके लिये कितना शुल्क देना होगा इसकी भी पूरी जानकारी दी जाय। इसके अलावा कारोबारियों या व्यापारियों का किसी तरह से उत्पीड़न न हो यह सुनिश्चित करें। निकायों से कहा गया है कि वो नगर निगम उपविधि में संशोधन कर उसे निगम कार्यकारिणी और सदन में मंजूर कराएं।
Published on:
26 May 2021 05:37 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
