
नैनीताल उत्तराखंड
क्रिसमस और नववर्ष की छुट्टियां मनाने देश-दुनियां के हजारों लोग नैनीताल, मुक्तेश्वर, रानीखेत, जागेश्वर धाम, कैंची धाम, मुनस्यारी आदि पर्यटक स्थलों पर पहुंचते हैं। ये सभी रास्ते नैनीताल जिले से होते हुए निकलते हैं। इसके कारण विभिन्न स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे सैलानियों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती हैं। इसी को देखते हुए नैनीताल एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा के निर्देश पर यातायात प्लान तैयार कर लिया गया है।
नैनीताल शहर का ट्रैफिक प्लान
नैनीताल शहर में सैलानियों के वाहन बेरोकटोक किसी भी निर्धारित मार्ग से आवागमन कर सकते हैं। वाहनों की पार्किंग मैट्रोपोल, अशोका और डीएसए पार्किंग में होती है। फ्लैट मैट्रोपोल और अशोका पार्किंग 70 फीसद भर जाने पर वाहनों को सूखाताल पार्किंग और केएमवीएन पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
ये रूट रहेगा डायवर्ट
जब केएमवीएन और सुखताल पार्किंग 70 फीसद भर जाएगी तब भवाली से नैनीताल आने वाले वाहनों को मस्जिद तिराहा भवाली से बैंड नंबर एक को डायवर्ट कर रूसी बाईपास हल्द्वानी रोड पर पार्क कराया जाएगा। यहां से पर्यटकों को शटल सेवा से नैनीताल भेजा जाएगा। कालाढुंगी की ओर से आने वाले पर्यटकों के वाहनों को रूसी बाईपास कालाढुंगी रोड और नारायण नगर पार्किंग में पार्क करवाकर शटल सेवा से नैनीताल भेजा जाएगा।
ये भी संभावित प्लान
तीसरी योजना के प्रभावी होने पर भी नैनीताल शहर में पर्यटकों के वाहनों का दबाव होता है तो नैनीताल तिराहा कालाढुंगी और भीमताल तिराहा काठगोदाम में वाहनों की चेकिंग करते हुए भीमताल, भवाली और अल्मोड़ा जाने वाले पर्यटकों को नैनीताल तिराहा कालाढुंगी से होते हुए मंगोली रूसी 01 से रूसी 02 होते हुए बैंड नंबर 01 से भवाली और अल्मोड़ा की ओर भेजा जाएगा।
ये भी जानें
नैनीताल तिराहा कालाढुंगी से नैनीताल की ओर केवल केमू की बस और टेंपो ट्रैवलर आएंगे। बड़ी टूरिस्ट बसें नैनीताल तिराहा कालाढुंगी से ऊपर नहीं आएंगी।
बारा पत्थर से पंगोट रोड पर टेंपो ट्रैवलर नहीं जाएंगे, केवल हल्के चौपहिया वाहनों को प्रवेश मिलेगा।
नैनीताल शहर में यातायात का दबाव फिर भी बढ़ता है तो नैनीताल आने वाले अन्य जनपदों के बाइकों को नैनीताल तिराहा कालाढुंगी और रानीबाग में पार्क कराया जायेगा। वहां से उन यात्रियों को बस, टैक्सी से नैनीताल भेजा जाएगा।
जू-शटल के वाहनों को सैन्ट फ्रान्सेंस चर्च के नीचे पार्क कराया जायेगा। वहां से इन वाहनों को बारी- बारी से जू की ओर भेजा जायेगा।
कैंची धाम में पार्किंग फुल होने पर वाहनों को भवाली स्थित विभिन्न पार्किंग में खड़ा करवाया जाएगा। वहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर भारी वाहनों को क्वारब से डायवर्ट कर मोना होते हुए खुटानी को भेजा जाएगा।
Published on:
21 Dec 2023 01:29 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
