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चार से पांच घंटे में मिलेगी लार ग्रंथि कैंसर की स्थिति की जानकारी, नई खोज से आसान हुआ इलाज

- आसान टेक्नीक से लार ग्रंथि का इलाज संभव - चार से पांच घंटे में कैंसर की स्थिति की जानकारी संभव - नुकसान प्रतिशत आंकने के बाद इलाज

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salivary gland cancer

चार से पांच घंटे में मिलेगी लार ग्रंथि कैंसर की स्थिति की जानकारी, नई खोज से आसान हुआ इलाज

लखनऊ. कैंसर एक विश्वयापी रोग है। इसकी भयावता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण कैंसर होता है। कई बार समय रहते कैंसर की जानकारी नहीं मिलती। लेकिन अब चार से पांच घंटे की जांच में कैंसर की स्थिती की जानकारी मिलेगी और समय रहते इसका इलाज भी संभव होगा। एसजीपीजीआई (SGPGI) के प्रो. रामनवल राव ने लार ग्रंथि कैंसर का इलाज खोज निकाला है। लार ग्रंथि पर की गई रिसर्च पर प्रो. राव को सिडनी में आयोजित कॉन्फ्रेंस में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

लार ग्रंथि के कैंसर का पता अभी तक अंतिम दौर में पता चलता था। ऐसे में मरीज को बचाना मुश्किल होता था। इस समस्या का हल निकालने के लिए एसजीपीजीआई की पैथोलॉजी में फाइनल निडिल एस्पिरेशन साइटोलॉजी टेस्ट रिपोर्ट का अध्ययन किया गया। तकरीबन 350 मरीजों की जांच हुई। अध्ययन में निडिल से लार ग्रंथि में बने ट्यूमर के नमूने लिए गए। इसके बाद जांच रिपोर्ट को अमेरिकन सोसाइटी ऑफ साइटोपैथोलॉजी और अंतर्राष्ट्रीय एकेडमी ऑफ साइटोलॉजी की तकनीक मिलान सिस्टम फॉर रिपोर्टिंग सलिवरी ग्लैड साइटोपैथोलाजी पर परखा गया। इसे सात श्रेणियों में बांटकर कैंसर किस मरीज को कितने प्रतिशत प्रभावित कर रहा है या यह कितना नुकसानदेह है, इसका पता लगाया गया। इस नतीजे के आधार पर लार ग्रंथि कैंसर का इलाज किया जा सकेगा।

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लार ग्रंथि कैंसर का आधार

लार ग्रंथि कैंसर की पहचान के लिए एफएनसी से जांच की जाती है। इसमें नीडल से कैंसर वाले हिस्से का पानी जैसा द्रव्य निकालकर जांच की जाती है। इसमें तीन से चार दिन का समय लगता है। जांच के बाद कैंसर किसी मरीज को कितने प्रतिशन नुकसान कर रहा है, इसका पता लगाकर उस हिसाब से इलाज किया जाता है।

क्या है लार ग्रंथि

लार ग्रंथि एक एक्सोक्राइन ग्रंथि है, जो शरीर के बाहर या शरीर के गुहा के भीतर पदार्थों को निकालती है। लार में बलगम, लवण, जीवाणुरोधी यौगिक, एंजाइम और पानी के साथ विभिन्न रसायन शामिल होते हैं, जो मुंह में पीएच को नियंत्रित करते हैं। मूल रूप से, लार एक जल पदार्थ है और पाचन तंत्र का एक हिस्सा है। यह भोजन को नम बनाता है, जिससे इसे चबाने और निगलने में मदद मिलती है। यह भोजन पचाने में भी मदद करता है। लार ग्रंथियां 24 घंटे में लगभग 1 से 1.5 लीटर तक लार को स्रावित करती हैं। अगर लार ग्रंथि में किसी तरह का दर्द या समस्या हो, तो उसमें सूजन आ जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह कैंसर का रूप ले लेता है।

लार ग्रंथि के कारण और लक्षण

मुंह और गले की 6 ग्रंथियां होती हैं, जिसमें से कान के नीचे पेरोटिड ग्रंथि और जबड़े के सबमेंडुलर लार ग्रंथि में पथरी हो सकती है। ऐसा इन ग्रंथियों में कैल्शियम फास्फेट के जमने के कारण होता है। मुंह में पथरी होने पर लार प्रवाह बंद हो जाता है। इसके अलावा पथरी होने पर जबड़े और कान के आस-पास सूजन, खाना खाने में प्रॉब्लम और जबड़े में दर्द होने लगता है।

लार ग्रंथि की पहचान

- मुंह खोलने में दर्द होना

- टेस्ट अजीब या खराब लगना

- चेहरे या मुंह में दर्द

- चेहरे या गर्दन में सूजन

बचाव व उपाय

- कम पानी पीने वाले और चबाकर खाना न खाने वाले लोगों को यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और खाना हमेशा चबाकर खाना चाहिए।

- इस बीमारी का पता एक्सरे और सीटी स्कैन से लगाया जा सकता है। ग्रंथि के अंदर पथरी होने पर इसे ऑपरेशन से निकाला जाता है।

- मुंह में सूजन, दर्द और लार के न निकलने पर तुंरत डॉक्टर को दिखाएं।

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