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UP Assembly Elections 2022 : यूपी में जिस दल को ब्राह्मणों का मिला साथ, उसकी बनी सरकार

UP Assembly Elections 2022- यूपी में वोट बैंक की राजनीति, 12 फीसदी ब्राह्मणों पर डोरे डाल रहे सभी दल

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Jul 29, 2021

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UP Assembly Elections 2022 : यूपी में जिस दल को ब्राह्मणों का मिला साथ, उसकी बनी सरकार

लखनऊ. UP Assembly Elections 2022- यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले एक बार फिर सभी दलों की नजर 12 फीसदी ब्राह्मण मतदाताओं पर है। पिछले तीन विधानसभा चुनाव को देखें तोजिस पार्टी के सबसे ज्यादा ब्राह्मण विधायक जीते, यूपी में सरकार भी उसी दल की बनी। इसीलिए ब्राह्मण समुदाय को रिझाने के लिए बहुजन समाज पार्टी ने अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलन शुरू कर किया है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी मंगल पांडेय की धरती बलिया से प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। सम्मेलनों के जरिए ब्राह्मणों के लिए किए गए कार्यों को भी गिनाया जाएगा। चर्चा है कि कांग्रेस भी अपने दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी को सीएम कैंडिडेट घोषित कर मास्टर स्ट्रोक खेलने की तैयारी में है।

2017 के यूपी विधानसभा में कुल 58 ब्राह्मण विधायक बने, जिनमें से 46 विधायक बीजेपी के थे। 2012 के विस चुनाव में जब अखिलेश की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी जिसमें 21 विधायक ब्राह्मण थे। वहीं, 2007 में जब मायावती के काल में 41 ब्राह्मण विधायक थे। इस बार मायावती 100 ब्राह्मणों को टिकट देने जा रही हैं।

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मंडल-कमंडल की राजनीति लाई हाशिए पर
करीब 23 साल तक प्रदेश की सत्ता की कमान ब्राह्मण समुदाय के हाथ में रही, लेकिन मंडल और कमंडल की राजनीति ने उन्हें हाशिये पर धकेल दिया। कांग्रेस से छिटकने के बाद ब्राम्हण कभी सपा के साथ तो कभी बसपा और कभी बीजेपी के साथ गया।

बीजेपी से 'कथित' नाराजगी
मंत्रिमंडल में उचित और महत्वपूर्ण मंत्रालयों में प्रतिनिधित्व न होना, कथित एनकाउंटर्स में कई ब्राह्मणों का मारा जाना और तमाम सरकारी नियुक्तियों में भी ब्राह्मणों को नजरअंदाज किया जाने से ब्राह्मण नाराज हैं।

यूपी में 6 ब्राह्मण मुख्यमंत्री बने
आजादी के बाद से 1989 तक यूपी की सियासत में ब्राह्मणों का वर्चस्व रहा। गोविंद वल्लभ पंत, सुचेता कृपलानी, कमलापति त्रिपाठी, हेमवती नंदन बहुगुणा, श्रीपति मिश्र और नारायण दत्त तिवारी सहित छह नेता मुख्यमंत्री बने। ये सभी कांग्रेस से थे। इनमें नारायण दत्त तिवारी तीन बार यूपी के सीएम रहे।

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राज्य में 13 फीसदी ब्राह्मण मतदाता
यूपी में करीब 11 से 12 फीसदी तक ब्राह्मण मतदाता हैं। हालांकि कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां इनकी संख्या करीब 20 फीसद है। पश्चिमी यूपी के हाथरस, बुलंदशहर, मेरठ, अलीगढ़, पूर्वांचल व लखनऊ के आसपास के कई जिलों में ब्राह्मण मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं।

यूपी में सक्रिय ब्राह्मण नेता
भाजपा- ह्रदयनारायण दीक्षित, डॉ. दिनेश शर्मा, सतीश द्विवेदी, श्रीकांत शर्मा, रीता बहुगुणा जोशी, महेंद्र नाथ पांडेय, ब्रजेश पाठक
सपा- माता प्रसाद पांडेय, अभिषेक मिश्रा, मनोज पांडे, तेज नारायण पांडेय 'पवन'
बसपा- सतीश चंद्र मिश्र, विनय तिवारी, नकुल दुबे
कांग्रेस- प्रमोद तिवारी, आराधना शुक्ला

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