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UP Budget 2023: चमड़े के थैले से टैब तक, 72 साल में कितना बदला यूपी का बजट

UP Budget: उत्तर प्रदेश सरकार का बजट 72 साल में कैसे बदलता रहा है, सिलसिलेवार ढंग से पड़ताल।

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लखनऊ

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Rizwan Pundeer

Feb 22, 2023

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पूर्व सीएम मुलायम सिंह (बाएं) सीएम योगी के साथ वित्तमंत्री सुरेश खन्ना(हाथ में टैब लिए हुए)

यूपी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट आज वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया है। 1947 में देश की आजादी और 1950 में उत्तर प्रदेश के गठन के बाद 1951 में सूबे का पहला बजट पेश किया गया था। 1951 से 2023 तक, 72 साल में बजट के आकार से लेकर पेश करने के तरीके तक काफी कुछ बदल गया है।


गोविंद बल्लभ पंत ने पेश किया था पहला बजट
आजाद भारत में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत बने थे। वित्त मंत्रालय भी उन्हीं के पास था, ऐसे में पहला बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम दर्ज है।


पंत ने 14 मार्च 1952 को यूपी का पहल बजट पेश किया, ये बजट 149 करोड़ रुपए का था। साल दर साल लगातार प्रदेश का बजट बढ़ता रहा। बीते 72 साल में ये 4 हजार गुना से ज्यादा बढ़कर 7 लाख करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गया है।


चमड़े के बड़े बैग से एक छोटी टैबलेट में सिमटा बजट
पहले सीएम पंत अपना बजट चमड़े के बैग में लेकर पहुंचे थे। चमड़े के बैग में ही उनके बाद आने वाले मुख्यमंत्री भी बजट लेकर आते रहे। ये सिलसिला करीब 20 साल तक चला। चौधरी चरण सिंह 1969 में पहली बार सीएम बने।


चरण सिंह ने 1970 में सूबे की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार का बजट पेश किया। चरण सिंह ने इस साल चमड़े के बैग की परंपरा को बदल दिया। चौधरी चरण सिंह बजट पेश करने पहुंचे तो उनके हाथ में चमड़े के बैग की जगह सूटकेस था।


सूटकेस लेकर बजट पेश करने का सिलसिला 50 साल से ज्यादा चला। ये खत्म हुआ साल 2022 में। इस साल वित्तमंत्री सूटकेस की जगह टेबलेट लेकर सदन में पहुंचे और बजट पेश किया। आज भी उन्होंने टैब से ही बजट पेश किया है।

सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड एनडी तिवारी के नाम फिर मुलायम सिंह का नंबर
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड नारायण दत्त तिवारी के के नाम है। एनडी तिवारी ने 11 बार बजट पेश किया है। एनडी तिवारी ने 4 बार सीएम रहते हुए बजट पेश किया। वहीं 7 बार वित्तमंत्री रहते हुए बजट पेश किया।


एनडी तिवारी के बाद पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव का नाम आता है। मुलायम सिंह ने 9 बार यूपी का बजट पेश किया। पहले सीएम पंत से लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव तक ज्यादातर सीएम वित्त विभाग अपने पास ही रखते रहे हैं। ऐसे में ज्यादा बार बजट पेश करने वालों में पूर्व सीएम के ही नाम हैं।

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2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने वित्त अपने पास नहीं रखा है। बीते साल साल से यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना हैं। ऐसे में मौजूदा वित्तमंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करने के मामले में मुलायम सिंह यादव के नजदीक आ गए हैं। उन्होंने आज अपना सातवां बजट पेश किया है।