
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं -
तहसील स्तरीय समेकित गाँव निधि के गठन के सम्बन्ध में
- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 69 की उपधारा 5 के तहत प्रत्येक तहसील स्तर पर तहसील स्तरीय समेकित गाँव निधि का गठन किया जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 69 के अंतर्गत गाँव निधि से समेकित गाँव निधि में जमा की जाने वाली धनराशि गाँव निधि में जमा धनराशि का 25 प्रतिशत निर्धारित किया जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 68 (1) के अधीन जमा होने वाली धनराशि में से 2/5 भाग समेकित जिला गांव निधि में और 3/5 भाग समेकित तहसील गांव निधि के लिए निर्धारित की जा रही है।
- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 68 (1) के परन्तुक के आलोक में धारा 68 के अधीन प्राप्त होने वाली क्षतियों या प्रतिकर की धनराशि का 50 प्रतिशत समेकित जिला गांव निधि और 50 प्रतिशत तहसील स्तरीय समेकित गांव निधि जमा किया जाएगा।
वक्फ अधिकरण का गठन
उत्तर प्रदेश वक्फ अधिकरण नियमावली 2017 के तहत वक्फ अधिकरण लखनऊ का गठन किया गया है। अधिकरण का अध्यक्ष तीन न्यायपीठ गठित करेगा। प्रत्येक में दो सदस्य होंगे। वक्फ परिसम्पत्तियों के विवादों का समाधान तीव्र गति से और प्रभावी ढंग से करने के मकसद से अधिकरण का गठन किया गया है। सामान्य तौर पर इसकी बैठक लखनऊ में होगी लेकिन वादकारियों की सुविधा देखते हुए अध्यक्ष इसकी बैठकें मंडलवार भी कर सकेंगे।
गन्ना क्रयकर के सम्बन्ध में
23 मई 2013 के शासनादेश के द्वारा गन्ना क्रयकर पर एक वर्ष के लिए छूट दी गई थी। यह छूट एक वर्ष के लिए चीनी विक्रय पर जमा किये जाने वाले गन्ना क्रयकर पर लागू की गई थी। गन्ना क्रयकर पर छूट की अधिकतम सीमा पेराई सत्र 2012 - 13 में क्रय किये गए गन्ने की वास्तविक मात्रा के क्रयकर के समतुल्य अर्थात प्रति कुंतल 2 रूपये की सीमा निर्धारित की गई थी। इस सम्बन्ध में कई जनपदों से आई मांगो को ध्यान में रखे हुए फैसला लिया गया है कि एक वर्ष के स्थान पर कर निर्धारण वर्ष 1 अक्टूबर 2012 से 30 सितंबर 2013 तक लागू माना जाये। इसके साथ शर्त यह है कि 23 मई 2013 से दिनांक 22 मई 2014 तक जो पूर्व वर्षों की चीनी विक्रीत हुई, उस पर दे क्रयकर वापस न किया जाये।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की नई सेवा नियमावली
उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग विश्लेषक सेवा नियमावली 2006 के स्थान पर अब उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग विश्लेषक सेवा नियमावली 2017 लागू की जाएगी। इसके तहत नवसृजित पदों पर शैक्षिक योग्यताओं का निर्धारण किया जा रहा है। कुछ पदों पर सीधी भर्ती और कुछ को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। माइक्रोबायोलॉजिस्ट, ज्येष्ठ विश्लेषक, कनिष्ठ विश्लेषक के अलावा शेष पदों का नियुक्ति प्राधिकारी राज्यपाल को बनाया जा रहा है।
केजीएमयू के ऑर्गन ट्रांसप्लांट के सम्बन्ध में
केजीएमयू में संचालित ऑर्गन ट्रांसप्लांट में कई विशिष्ट उपकारणों और सुविधाओं की बढ़ोत्तरी के लिए 525.50 लाख रूपये की लागत को अनुमोदित किया गया है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड ने 701.20 लाख रूपये रिवाइज एस्टीमेट प्रस्तुत किया था।
अन्य निर्णय
- वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापना योजना के संचालन का निर्णय।
- उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टप नीति 2017 का अनुमोदन।
- उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैनुफैक्चरिंग नीति 2017 का अनुमोदन।
- उत्तर प्रदेश सचिवालय में बायोमैट्रिक्स एवं आधार पर आधारित उपस्थिति प्रणाली को लागू करने का निर्णय।
- उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लिए न्याय ग्राम टाउनशिप के निर्माण का निर्णय।
- उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल अध्यादेश 2017 के प्रतिस्थानी विधेयक को राज्य विधान मंडल को आगामी सत्र में पारित कराकर अधिनियम करने का निर्णय।
- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा संशोधन अध्यादेश 2017 के प्रतिस्थानी विधेयक को राज्य विधान मंडल के आगामी सत्र में पारित कराकर अधिनियम करने का निर्णय।
- उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं माध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति 2017 के प्रख्यापन का निर्णय।
- अप्रयुक्त और निष्प्रयोज्य स्टाम्प पत्रों की धनराशि वापस किये जाने के सम्बन्ध में स्टाम्प नियमावली के नियम 218 में संशोधन।
- संगठित अपराधों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2017 को विधान मंडल के आगामी सत्तर में प्रस्तुत एवं पारित कराने का प्रस्ताव स्वीकृत।
- उत्तर प्रदेश चावल निर्यात प्रोत्साहन योजना ( 2017 - 2022 ) को आगामी वर्षों के लिए लागू करने का निर्णय।
Published on:
13 Dec 2017 05:44 pm

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