
Ajay Kumar Lallu
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मैं देश नहीं बिकने दूंगा के नारे के साथ सत्ता में आई केन्द्र की भाजपा सरकार आज सार्वजनिक सम्पत्तियों को बेंचने व निजीकरण करने की दिशा में और आगे बढ़ गयी। भाजपा सरकार का यह कदम निश्चित रूप से देश को आर्थिक रूप से कमजोर एवं खोखला बनाने की दिशा में ले जाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश के सम्मान व स्वाभिमान के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। जिन सार्वजनिक सम्पत्तियों को लम्बे दौर के बाद स्थापित किया गया था उन्हें फायदे में रहने के बावजूद अपने चहेते उद्योगपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है।
अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद जहां यह उम्मीद की जा रही थी कि एमएसएमई, बंद चीनी मिलें, कानपुर का चमड़ा उद्योग, बुनकर, कार्पेट उद्योग, फिरोजाबाद के चूड़ी उद्योग, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, सहारनपुर के लकड़ी उद्योग, मेरठ के स्पोर्ट्स से जुड़े कारोबार, कृषि क्षेत्र को आर्थिक पैकेज दिये जायेंगे और इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों को बजट से काफी उम्मीदें थीं परन्तु हर बार की भांति इस बार भी इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों को सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। पैकेज के बजाए ऋण की व्यवस्था जले पर नमक छिड़कने जैसा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों एवं आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में मनरेगा का बड़ा योगदान रहा। बजट में 42 प्रतिशत की कटौती से गरीब मजदूर, दलित, आदिवासी, पिछड़ों पर भाजपा सरकार का बड़ा प्रहार है। इतना ही नहीं कृषि का बजट 6 प्रतिशत घटाया जो किसानों के साथ धोखा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान का जोर-शोर से ढिंढोरा पीटने वाली मोदी सरकार ने 13 प्रतिशत बजट में कटौती कर दी है। न काला कानून खत्म हुआ और न ही खेती पर जीएसटी खत्म हुई, न डीजल की कीमतें कम हुईं। यह किसानों के साथ घोर अन्याय है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्रीय बजट के माध्यम से एयरपोर्ट, रेल, गोदाम, बंदरगाह, सड़क, बिजली ट्रान्समिशन लाइन, भेल आदि सार्वजनिक उपक्रमों को बेंचने या निजीकरण करने की केन्द्र सरकार की तैयारी निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है और देश को गर्त में ढकेलने वाला कदम है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले से ही ऐतिहासिक उच्च स्तर पर हैं जिससे मंहगाई बेलगाम है और आम आदमी की कमर तोड़ने वाली साबित हो रही थी इस बजट में उसे राहत देने के बजाए पेट्रोल और डीजल पर क्रमशः 2.50रूपये और 4 रूपये का सेस लगाया गया है जो आने वाले समय में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आम जनता पर ही बोझ डालने वाला है। इस आम बजट से सरकारी कर्मचारियों एवं मध्यमवर्गीय प्रत्यक्ष करदाताओं को जहां टैक्स में छूट मिलने की उम्मीद थी वह धूलधूसरित हो गयी।
Published on:
01 Feb 2021 06:49 pm

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