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UP Excise Policy: शराब विक्रेता एसोसिएशन की मांग: अंग्रेजी शराब और बीयर कोटे की पुरानी व्यवस्था बहाल हो

Excise Policy: एमआरपी पर 20% मार्जिन और बिक्री समय में 1 घंटा बढ़ाने की मांग। आगामी आबकारी नीति 2025-26 में सुधारों के लिए सुझाव पेश। 20% Margin on MRP and Renewal on Time: Key Requests by Vendors
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लखनऊ

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Ritesh Singh

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Updated: 21 Nov 2024, 8:01 AM IST

लाइसेंस फीस और कोटे में वृद्धि रोकने की अपील

लाइसेंस फीस और कोटे में वृद्धि रोकने की अपील

UP Excise Policy: शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि अंग्रेजी शराब और बीयर के मौजूदा कोटे की व्यवस्था खत्म कर पूर्ववत नीति लागू की जाए। संगठन ने प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।

खास बातें 

मार्जिन में बढ़ोतरी: एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने कहा कि शराब व्यवसायियों का मार्जिन 20 प्रतिशत किया जाए।
नवीनीकरण में पारदर्शिता: तय समय में शराब दुकानों का नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए।
बिक्री समय में बदलाव: संगठन ने रात 10 बजे की बजाय शराब बिक्री का समय एक घंटे बढ़ाकर 11 बजे तक करने की मांग की।

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कोटे में संशोधन: अंग्रेजी शराब और बीयर के छह-छह महीने के दो कोटे की व्यवस्था को बहाल किया जाए।
भुगतान प्रणाली में सुधार: पीओएस मशीन के स्थान पर स्कैनर आधारित भुगतान व्यवस्था लागू की जाए।
लाइसेंस फीस और कोटे में स्थिरता: इस बार 10 प्रतिशत लाइसेंस फीस और कोटे में किसी प्रकार की वृद्धि न की जाए।

राजस्व वृद्धि का सुझाव

संगठन के महासचिव विकास मोहन श्रीवास्तव का कहना है कि बिक्री समय बढ़ाने से सरकार को राजस्व में वृद्धि होगी।

पदाधिकारियों की चेतावनी

एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं, तो शराब व्यवसायियों के लिए जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो जाएगा।

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इस समय प्रदेश में शराब व्यवसायियों की समस्याओं और मांगों को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आगामी आबकारी नीति पर संभावित सुधारों की यह मांग सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।