22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब प्रतियोगी परीक्षा देने नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर, शासन ने पालीवाल समिति को दी मंजूरी

अब अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षा देने के लिये अपने शहर से दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा।

less than 1 minute read
Google source verification

लखनऊ

image

Akansha Singh

Dec 06, 2019

अब प्रतियोगी परीक्षा देने नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर, शासन ने पालीवाल समिति को दी मंजूरी

अब प्रतियोगी परीक्षा देने नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर, शासन ने पालीवाल समिति को दी मंजूरी

लखनऊ. अब अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षा देने के लिये अपने शहर से दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। शासन के निर्देश पर सूबे में प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापन के लिए 'पालीवाल समिति को मंजूरी मिल गई है। समिति के अनुसार, अब समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बनाए जाने वाले केंद्र उस शहर के बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और नामचीन चौराहों के पांच किमी. की परिधि में होंगे। परीक्षार्थियों को केंद्र खोजने में दिक्कत न हो और वहां तक उन्हें आसानी से साधन उपलब्ध हो सके। डीआइओएस लखनऊ डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में यह व्यवस्था लागू की गई है।

बीते जनवरी माह में पालीवाल समिति की रिपोर्ट आई थी। इसके बाद जिलाधिकारी, एसएसपी, जिला विद्यालय निरीक्षक, उच्च एवं प्राविधिक शिक्षा के अधिकारी, सीबीएसई, आइसीएसई और यूपी बोर्ड के अधिकारियों की कमेटी का गठन किया था। इसके बाद विद्यालयों का चिन्हांकन और मूल्यांकन हुआ। फिर कमेटी ने लोक सेवा आयोग से मंजूरी ली। इसके बाद शासन ने कमेटी को सूबे में पालीवाल समिति को लागू करने के आदेश दिए। शहर के नामचीन विद्यालय, शिक्षण संस्थान ही अब केंद्र बन सकेंगे। इसके साथ ही पहले जो विद्यालय प्रबंधक अपने बूते सेटिंग करके केंद्र बनवा लेते थे उनकी मनमानी खत्म होगी।

चार कैटेगरी में बांटे गए केंद्र

जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि ए,बी,सी और डी चार कैटेगरी में केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। ए कैटेगरी में अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑन रोड वाले राजकीय कॉलेज, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और टॉप निजी कॉलेज शामिल होंगे। इसके बाद अन्य को बी, सी और डी कैटेगरी में रखा गया है। अगर परीक्षार्थी अधिक हैं तो फिर बी, सी और डी कैटेगरी के विद्यालयों में परीक्षार्थी शिफ्ट किए जाएंगे।