
UP government starts sugar cane satta for ganna kisan of UP
लखनऊ. आगामी पेराई सत्र 2019-20 के सुचारू संचालन हेतु गन्ना विकास विभाग ने
अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है और सर्वे
सट्टा सूची प्रदर्षन का कार्य भी अंतिम दौर में है तथा सर्वे सट्टा
सूचियों के ग्रामवार प्रदर्षन कराये जाने व त्रुटियों के सुधार के बाद अब
गन्ना विकास विभाग ने गन्ना माफियाओं का उन्मूलन करने हेतु सख्त रूख अपना
लिया है .
गन्ना किसानों की गन्ना खतौनी का मिलान राजस्व खतौनी से किया जा रहा है इस क्रम में अब तक समस्त 09 परिक्षेत्रों की 169 गन्ना विकास समितियों के 38.5 लाख आपूर्तिकर्ता सदस्य गन्ना
किसानों में से 20.64 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता सदस्यों का मिलान हो चुका
है जिनमें से 2,742 फर्जी, 8,435 डबल सट्टे वाले, 5,719 भूमिहीन कृषकों
तथा 11,249 राजस्व अभिलेखों में दर्षित भूमि से अधिक गन्ना क्षेत्रफल
वाले कृषकों के सट्टे प्रकाष में आये हैं जिनके द्वारा अनुचित आपूर्ति का
लाभ लिया जा रहा है इसके अतिरिक्त भी दो समितियोंध्जिलों के बार्डर पर
गलत तरीके से दोहरी सदस्यता प्राप्त कर गन्ना आपूर्ति में डबल सट्टा
चलाने की अनियमितता प्रकाष में आने पर सभी ट्रांजिट एरिया में पड़ने वाले
कृषकों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा ट्रांजिट एरिया के समस्त 1,04,860
सदस्यों का सत्यापन किया जा चुका है जिनमें से 520 फर्जी, 2,449 डबल
सट्टे वाले तथा 1,380 राजस्व अभिलेखों में दर्षित भूमि से अधिक गन्ना
क्षेत्रफल वाले कृषकों के सट्टे प्रकाष में आये हैं जिनके द्वारा अनुचित
आपूर्ति का लाभ लिया जा रहा था इन सभी के विरूद्ध सट्टे बन्द करने एवं
सदस्यता समाप्त आदि की कार्यवाही गतिमान है।
प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी मनीष चैहान द्वारा बताया गया
कि गत वर्ष के अनुभवों एवं मुख्यालय पर स्थापित टोल-फ्री कन्ट्रोल रूम
में प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर इस वर्ष गन्ना किसानों की बेहतरी
के लिए ग्रामवार सट्टा प्रदर्शन से पूर्व राजस्व खतौनी का मिलान गन्ना
खतौनी से किया जा रहा है तथा इसके अतिरिक्त कतिपय क्षेत्रों में गन्ना
आपूर्ति से सम्बन्धित आने वाली समस्याओं की पुनरावृत्ति इस सत्र में न हो
इसलिए सभी पंजीकृत गन्ना किसानों को यूनिक कोड आवंटित करने का
शत्प्रतिषत कार्य पूर्ण कराया जा रहा है।
गन्ना आयुक्त द्वारा यह भी बताया गया कि जिन निल प्लाटों के कृषकों का
नाम गन्ना सर्वे करते समय ज्ञात नहीं हो पाता है, तो सत्यापन उपरान्त जिस
किसान का प्लाट है उसी के नाम अंकित किया जाए। विभागीय अधिकारियों के
साथ-साथ राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी सर्वे कार्य की शुद्धता परखने
के लिए सर्वेक्षित क्षेत्रफल के कम से कम 10 प्रतिषत की रेण्डम जांच की
जाएगी।
Published on:
02 Sept 2019 10:44 pm
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