
फाइल फाेटाे
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. मुख्तार अंसारी को लेकर उत्तर प्रदेश और पंजाब की सरकार आमने-सामने है। एक तरफ यूपी की योगी सरकार मुख्तार अंसारी को किसी भी कीमत पर यूपी लाने पर तुली हुई है और कई केस में कोर्ट में पेशी कराने के लिये यूपी लाना चाहती है तो दूसरी ओर पंजाब सरकार ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अब तक मुख्तार अंसारी को लेने गई पुलिस को खाली हाथ लौटाया है। दोनों सरकारें अब इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहुंची हैं। सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने मुख्तार अंसारी को आतंकवादी कहते हुए पंजाब सरकार पर उसे बचाने का आरोप लगाया है। इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 24 फरवरी को होगी।
सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार का पक्ष साॅलिसिटर जनरल मुकुल तुषार मेहता ने रखा। उनका कहना था कि मुख्तार अंसारी पर उत्तर पदेश में गंभीर आरोप पेंडिंग पड़े हैं। अंसारी इनमें पेशी से बच रहे हैं। वह पंजाब में एक मामूली केस में बंद हैं और अब तक उन्होंने जमानत की अर्जी भी नहीं दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब सरकार मुख्तार अंसारी का बचाव कैसे कर सकती है। अंसारी पंजाब जेल में रहना चाहते हैं, जबकि यूपी में उनपर गंभीर मामले दर्ज हैं और इनमें सम्मन जारी हुआ है।इस मामले में मुख्तार अंसारी की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने बहस की तो सीनियर वकील दुष्यंत दवे ने पंजाब सरकार का पक्ष रखा।
बताते चलें कि उत्तर पदेश सरकार ने इन दिनों माफिया और बाहुबलियों पर शिकंजा कस रखा है। इससे यूपी के अपराधियों में बेहद खौफ है। मुख्तार अंसारी को दो साल पहले एक केस में पंजाब की रोपड़ जेल ले जाया गया था, जब से वो वहीं हैं। इधर यूपी सरकार ने जब सूबे में ऑपरेशन क्लीन शुरू किया तो मुख्तार अंसारी और उनके करीबियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की गईं और उनकी अवैध सम्पत्तियों पर कार्रवाई की गई। इस बीच मुख्तार अंसारी को कई मामलों में कोर्ट में पेश करने के लिये यूपी पुलिस कई बार पंजाब गई, लेकिन खराब सेहत का हवाला देकर हर बार यूपी पुलिस को लौटा दिया गया।
यूपी सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है और मुख्तार अंसारी को यूपी जेल ट्रांसफर करने की याचिका लगाई। यूपी सरकार ने याचिका में मुख्तार अंसारी पर उत्तर प्रदेश में कई केस पेंडिंग होने का हवाला देते हुए उन्हें यूपी जेल में ट्रांसफर करने की मांग की है। उसका तर्क है कि मुख्तार पर यूपी में कई गंभीर केस पेंडिंग हैं और कई बार पेशी के लिये वारंट भी जारी हो चुका है। पर हर बार पंजाब जेल अथाॅरिटी खराब स्वाथ्य की बात कहकर पेशी पर भेजने को टाल देती है, जबकि मुख्तार मामूली अपराध में दो साल से पंजाब की जेल में हैं। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार व मुख्तार अंसारी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
Published on:
09 Feb 2021 01:21 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
