
रोडवेज कर्मचारियों को मिला सातवें वेतन का तोहफा, 25 हजार कर्मचारियों को बड़ी सौगात
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार रोडवेज कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। रोडवेज कर्मियों को सातवें वेतन का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रोडवेज कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। पिछले डेढ़ साल से लंबित रोडवेज कर्मियों की सातवें वेतन की मांग को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। रोडवेज कर्मियों को सातवें वेतन का लाभ 1 जनवरी 2018 से देने का फैसला किया गया है। निगम कर्मियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी से परिवहन निगम के लगभग 23000 नियमित कर्मियों के लिए ही नहीं बल्कि सेवानिवृत्त 850 कर्मियों को भी लाभ मिलेगा।
वेतन समिति 2016 के प्रथम प्रतिवेदन की संस्तुतियों पर लिए गए निर्णय के अनुसार सार्वजनिक वित्त विभाग के शासनादेश 2017 व 1 जनवरी 2016 से उल्लेखित शर्तों में ढिलाई देते हुए वास्तविक भुगतान का 1 जनवरी 2018 से किया जाएगा।
587 मृतक आश्रितों को मिलेगी सरकारी नौकरी
प्रदेश सरकार ने परिवहन निगम में मृतक आश्रितों की भर्ती पर लगी रोक में छूट देने और मृतक आश्रितों के 587 पदों पर भर्ती करने का फैसला किया है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि राज्य सड़क परिवहन निगम के मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने पर जुलाई 2003 से रोक लगी है। कैबिनेट ने इस रोक को शिथिल करने और चालक व परिचालक के पदों पर 587 मृतक आश्रित की नियुक्ति देने का फैसला किया है। इस पर आने वाला खर्च निगम उठाएगा।
10 हजार तक बढ़ेगा वेतन
प्रदेश सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम के 23 हजार कर्मियों को एक अप्रैल से पुनरीक्षित सांतवे वेतन के वास्तविक भुगतान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्र का कहना है कि पुनरीक्षित वेतन लागू होने से कर्मचारियों को 2500 से ₹6000 प्रतिमाह और अफसरों को ₹10000 तक महीने का फायदा होने की उम्मीद है। इस फैसले का लाभ करीब 23000 कर्मियों को मिलेगा।
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दी बधाई
परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वेतन पाने और मृतक आश्रितों को नौकरी मिलने पर सभी परिवहन निगम कर्मियों को बधाई दी है। उन्होंने निगमकर्मियों से कहा है कि जब प्रदेश सरकार ने उनकी डेढ़ साल से लंबित मांगों को पूरा करने का साहस दिखाया है तो उनकी भी अपेक्षा है कि कर्मचारी अब दोगुने उत्साह से काम कर परिवहन निगम के लाभ के सिलसिले को आगे बढ़ाएं। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कर्मचारियों को याद दिलाया कि सातवां वेतन आयोग की संस्तुतियों का भार परिवहन निगम को ही वहन करना है। सातवें वेतन आयोग में ही परिवहन निगम का 122 करोड़ का लाभ तो चला ही गया उल्टे 28 करोड़ और देने के लिए आर्थिक संसाधनों से रकम चुकानी होगी। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पिछले सवा साल के सरकार के कार्यकाल के दौरान परिवहन विभाग और परिवहन निगम में नई बुलंदियों छुई हैं। इस दौरान ऐसे गांव जो परिवहन सुविधाओं से वंचित हैं उन्हें जिला मुख्यालयों और शहरों से जोड़ा गया।
Published on:
11 Jul 2018 08:45 am
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