
मौसम विभाग का अलर्ट: बुंदेलखंड में रेड अलर्ट, पूर्वांचल में येलो चेतावनी जारी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Weather Alert: India Meteorological Department ने उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। सबसे ज्यादा चिंता बुंदेलखंड क्षेत्र को लेकर जताई गई है, जहां अगले तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वांचल के जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है और लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मौसम विभाग ने बुंदेलखंड के कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। जिन जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है उनमें-
.Chitrakoot
.Fatehpur
. Kanpur Dehat
.Auraiya
.Jalaun
.Hamirpur
जैसे जिले शामिल हैं।
इन जिलों में अगले तीन दिनों तक तेज गर्म हवाएं चलने और तापमान अत्यधिक बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी तेज गर्मी और लू का असर बना रहेगा, हालांकि बुंदेलखंड की तुलना में स्थिति थोड़ी कम गंभीर बताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया जा रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। गर्म हवाओं और तपती धूप ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप,कम नमी,गर्म पश्चिमी हवाएं,बारिश की कमी भीषण गर्मी का मुख्य कारण बन रही हैं।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ती गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में चक्कर आने, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी की शिकायत लेकर मरीज पहुंचने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने नागरिकों से जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकती है।
भीषण गर्मी के चलते प्रदेश में बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। कई शहरों में बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती और पानी की कमी की शिकायतें भी बढ़ने लगी हैं। लोगों का कहना है कि तेज गर्मी में बिजली कटौती से हालात और मुश्किल हो रहे हैं।
गर्मी और लू का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। पशुओं पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छांव की व्यवस्था रखें।
प्रदेश के कई जिलों में दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग खाली दिखाई दे रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। रिक्शा, ई-रिक्शा और मजदूरी करने वाले लोगों पर गर्मी का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि तेज धूप में काम करना बेहद मुश्किल हो गया है।
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने स्कूलों के समय में बदलाव की मांग उठानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि बच्चों को भीषण गर्मी में स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है।कुछ जिलों में पहले ही स्कूलों के समय में बदलाव किया जा चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल अगले सात दिनों तक मौसम में किसी बड़ी राहत की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने की संभावना है, लेकिन इससे गर्मी में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। एम्बुलेंस सेवाओं को भी सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
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Published on:
23 May 2026 09:53 am
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