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यूपी पुलिस के लिए ये 14 लड़कियां बनीं खतरनाक! इंटेलिजेंस ने ISI के हनी ट्रैप से बचने की अफसरों को दी सलाह

Uttar Pradesh News: यूपी पुलिस को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के नए प्लान से सावधान रहने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश यूपी इंटेलिजेंस विभाग की ओर से सभी जिला कप्तानों और कमिश्नरों को एडवाइजरी के तौर पर भेजा गया है।

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लखनऊ

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Aman Pandey

Jul 02, 2023

UP intelligence advises officers to avoid honey trap of isi

यूपी इंटेलिजेंस ने ISI के हनी ट्रैप से बचने की अफसरों को सलाह दी है।

Uttar Pradesh News: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी यानी ISI ने 14 सुंदरियों की सहायता से यूपी सहित अन्य राज्यों के पुलिस, और सुरक्षा से जुड़े अफसरों को जाल में फंसाने का षड्यंत्र रचा है। इंटेलीजेंस मुख्यालय ने हनी ट्रैप के लिए इस्तेमाल की जा रही इन सुंदरियों की फोटो, मोबाइल नंबर और यूआरएल (यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर) साझा करते हुए अफसरों को सचेत किया है। इंटेलीजेंस मुख्यालय से जारी अलर्ट में अधिकारियों और उनके परिजन को भी सोशल मीडिया पर इन सुंदरियों से बचने की सलाह दी गई है।

सुंदर युवतियों की फोटो लगाकर बना रखे हैं फेक अकाउंट
ISI की इकाई पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटिव यानी पीआइओ ने सुंदर युवतियों की तस्वीर लगाकर फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और इंटरनेट मीडिया के दूसरे प्लेटफार्म पर अकाउंट बनाए हैं। सभी अकाउंट भारतीय नंबरों के इस्तेमाल से खोले गए हैं। अलर्ट में बताया गया है कि यूपी पुलिस व अन्य सैन्य सुरक्षा संबंधी विभागों और संगठनों के अधिकारियों और कर्मियों के अलावा उनके परिवार के लोगों के हनीट्रैप की साजिश है। पीआइओ की महिला एजेंट उन्हें आडियो व वीडियो काल करके अश्लील बातें कर अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रही हैं।

स्पाइवेयर लिंक से मोबाइल व लैपटाप से कर लेते हैं हैक
स्पाइवेयर लिंक के माध्यम से उनके मोबाइल व लैपटाप से डाटा हैक किया जाता है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। हालांकि अभी किसी अधिकारी के जाल में फंसने की पुष्टि नहीं हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों को इंटरनेट मीडिया की मॉनीटरिंग कराने तथा अधीनस्थों को इसकी जानकारी देने को कहा गया है। यह अलर्ट 26 जून को जारी किया गया है। अन्य जांच व खुफिया एजेंसियां भी छानबीन में जुटी हैं।

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हनीट्रैप के केस पहले आ चुके हैं सामने
दरअसल, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां पिछले 10 वर्षों से हनीट्रैप के लिए अलग-अलग तरीके अपना रही हैं। 2018 में यूपी एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस की मदद से नागपुर स्थित ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के सीनियर सिस्टम इंजीनियर निशांत अग्रवाल को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया था। ऐसे ही ऐसे ही वर्ष 2016 में बीएसएफ का जवान अच्युतानंद मिश्रा हनीट्रैप का शिकार हुआ था।