
up summit
लखनऊ. वर्ष 2018 की शुरुआत में योगी सरकार की बड़ी परीक्षा है। दरअसल 21-22 फरवरी को यूपी इन्वेस्टर समिट का आयोजन राजधानी में किया जा रहा है। इसके लिए सभी विभाग सड़कों से लेकर ऐतिहासिक धरोहर और प्रमुख बाज़ारों की रंगत बदलने में जुट चुके हैं। इस समिट से प्रदेश सरकार को 1.17 लाख करोड़ रूपए से अधिक निवेश की उम्मीद है। इसके साथ ही योगी सरकार ने एक लाख युवाओं को रोज़गार देने का लक्ष्य रखा है। खुद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पहल में जुट चुके हैं। वे देश के कई बड़े शहरों में उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए रोड शो कर रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और बंगलौर में आयोजित रोड शो में व्यापार समूहों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इनमें से कई ने यूपी के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे इन्वेस्टर समिट में एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। सूत्रों का कहना है कि मुंबई में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की मुलाकात रिलायंस, टाटा और हिंदुजा जैसे कारोबारी समूहों के प्रमुख से हुई जिन्होंने राज्य में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की। अब सीएम योगी कोलकाता में 5 जनवरी और अहमदाबाद में 10 जनवरी को रोड शो करने जा रहे हैं।
सरकार की ओर से इन्वेस्टर समिट की तैयारियों की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक भारत और विदेश से 5,000 से भी अधिक निवेशकों से सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस समिट से राज्य को भारी निवेश मिलेगा और राज्य में औद्योगिक विकास के नए अध्याय के लिए मंच तैयार हो सकेगा। साथ ही योगी सरकार ने अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश के जरिए 20 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विशेष जोर दे रही है। स्पेशल पार्क जैसे फार्मा पार्क, फूड पार्क, आईटी पार्क, लेदर पार्क, टेक्सटाइल पार्क, प्लास्टिक पार्क आदि विकसित किए जाने की योजन है।
Published on:
28 Dec 2017 03:24 pm
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