
ओपी राजभर ने बता दी पंचायत चुनाव की तारीख, PC- Patrika
लखनऊ : उत्तरप्रदेश में पंचायत चुनाव की अटकलों को लेकर योगी सरकार ने विराम लगा दिया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक संपन्न करवा लिए जाएंगे। राजभर ने यह भी कहा कि ओबीसी आरक्षण 2011 की जनगणना को लेकर लागू कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की कोई नई गणना नहीं करवाई जाएगी।
राजभर ने बताया कि आगामी कैबिनेट की बैठक में ओबीसी आयोग के गठन पर मुहर लग जाएगी। राजभर ने कहा है कि चुनाव के लिए जिलों में मतपत्र छप गए हैं। मतदाता सूची का प्रकाशन भी 15 अप्रैल तक हो जाएगा। सीटों का आरक्षण जल्द तय होगा। आरक्षण चक्रानुसार किया जाना है। चुनाव पुरानी व्यवस्था पर ही होगा। इस मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय का पालन किया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा कि समय सीमा के भीतर चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं? क्या वह संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे या नहीं। यह सुनवाई अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की जनहित याचिका पर हुई। याचिका में मांग की गई थी कि पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया के लिए समयबद्ध कार्यक्रम पहले से तय कर रिकॉर्ड पर रखा जाए।
हाईकोर्ट ने सवाल किया आयोग को बताना होगा कि 15 अप्रैल को मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद क्या चुनाव 26 मई तक करा पाना संभव है। ग्राम पंचायतों के पांच साल का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। इससे पूर्व चुनाव संपन्न नहीं हो पाने की स्थिति में प्रशासकों की नियुक्ति करनी पड़ सकती है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी जिले के दौरे के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव फिलहाल समय पर होना संभव नहीं लग रहा है। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य की पूरी सरकारी मशीनरी कई बड़े कामों में व्यस्त है। इनमें SIR, जाति जनगणना और मकान गणना जैसे अहम कार्य शामिल हैं। उनका कहना था कि जब तक ये सभी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक पंचायत चुनाव कराना मुश्किल होगा। मौर्य के अनुसार इन कामों को पूरा होने में अभी काफी समय लग सकता है, इसलिए चुनाव की प्रक्रिया भी उसी के बाद आगे बढ़ेगी।
Published on:
19 Mar 2026 01:57 pm
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