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Manipur Violence: यूपी तक पहुंची मणिपुर में महिलाओं से हैवानियत की आंच, लोगों ने ऐसे जाहिर किया गुस्सा

Manipur Violence: मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हैवानियत का मामला यूपी तक पहुंच गया है। इस मामले के तूल पकड़ते ही मणिपुर सरकार के खिलाफ यूपी के लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा है। आइए बताते हैं यूपी में लोगों ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी।

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लखनऊ

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Vishnu Bajpai

Jul 21, 2023

UP People getting angry over brutality women in Manipur

Manipur Violence

Manipur Violence: मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हैवानियत का मामला यूपी तक पहुंच गया है। इस मामले के तूल पकड़ते ही मणिपुर सरकार के खिलाफ यूपी के लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा है। आइए बताते हैं यूपी में लोगों ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी। उधर, मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में दो और आरोपी अरेस्ट किए गए हैं। गुरुवार रात तक चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा- सरकार अपराधियों के लिए मौत की सजा पर विचार कर रही है। वहीं, पीड़ितों में से एक महिला ने आपबीती सुनाई है। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस उस भीड़ के साथ थी जो उनके गांव पर हमला कर रही थी। पुलिस ने उन्हें घर के पास से उठाया और गांव से थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के साथ सड़क पर छोड़ दिया। जिसके बाद यह घटना हुई।

केंद्र सरकार ने ट्विटर से मणिपुर के विडियो हटाने को कहा
केंद्र सरकार ने ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया मंचों से मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनकी परेड कराए जाने का विडियो हटाने के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि विडियो आपत्तिजनक है और चूंकि मामले की जांच की जा रही है तो ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से विडियो को हटाने के लिए कहा गया है।

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मणिपुर में दो महिलाओं से हैवानियत की घटना को लेकर मेरठ में सपाइयों ने पुतला जलाया। IMAGE CREDIT:

PM से सोनिया गांधी ने कहा, मणिपुर पर चर्चा कराएं
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि संसद में मणिपुर पर चर्चा कराई जाए। सदन का कामकाज शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने सभी दलों के नेताओं के पास जाकर बात की। इसी क्रम में वह सोनिया के पास पहुंचे थे। इसी संक्षिप्त बातचीत में सोनिया ने पीएम के सामने मणिपुर पर चर्चा की मांग रखी।

यूपी तक पहुंची सुलगते मणिपुर की आंच, जानिए किसने क्या कहा?
मणिपुर में महिलाओं से हैवानियत की आंच यूपी तक पहुंच गई है। महिला को निर्वस्त्र घुमाए जाने के वीडियो वारयल होने के मामले में गुरुवार को मेरठ में सपा समर्थकों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का पुतला फूंका। आक्रोशित सपा नेताओं ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि आज पूरे इतिहास की सबसे शर्मनाक घटना भारतीय जनता पार्टी के राज में घटित हुई है।

जिसने देश के 140 करोड़ लोगों को शर्मसार किया है। अब तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था। इस दौरान जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, शैंकी वर्मा,जीतू नागपाल ,जीशान अहमद,जानू चौधरी,रविंदर प्रेमी,निरंजन सिंह,हिमांशु सिद्धार्थ,जसबीर सिंह,शुऐब, विनीत सिद्धार्थ, विनय चौधरी,बाबर खान,एहतेशाम इलाही, ओमप्रकाश और बिलाल आदि रहे।

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी की निंदा
मण‍िपुर ह‍िंसा के दौरान दो आद‍िवासी मह‍िलाओं से दुष्‍कर्म और नग्‍न कर वीड‍ियो बनाने की घटना से पूरा देश उबल उठा है। इस घटना से राजनीत‍िक सरगर्मियां अफने उफान पर हैं। एक ओर पीएम मोदी ने इस घटना के दोष‍ियों पर सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई करने की बात कही है वहीं सपा प्रमुख अख‍िलेश यादव ने इस मामले में भाजपा पर हमला बोला है। अख‍िलेश यादव ने ट्वीट कर कहा क‍ि मणिपुर के हालात के लिए आरएसएस की नफ़रत की नीति और भाजपा की वोट की राजनीति ज‍िम्मेदार है। बहन-बेटियों के परिवारवाले अब तो भाजपा की ओर देखने तक से पहले एक बार जरूर सोचेंगे। मणिपुर में सभ्यता का चीरहरण हुआ है और संस्कृति का पाताल-पतन।

मणिपुर में दो महिलाओं से हैवानियत के बाद शुक्रवार को वाराणसी में कांग्रेस छात्र संघ ने कैंडिल मार्च निकाला। IMAGE CREDIT:

वाराणसी में कांग्रेस छात्र संघ ने विरोध में निकाला कैंडिल मार्च
मणिपुर में महिलाओं को निवस्त्र घुमाने के मामले के बाद पूरा विपक्ष मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहा है तो सत्ता पक्ष चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में लगातार विपक्ष हमलावर है। इसी क्रम में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में इस घटना के विरोध में कैंडिल मार्च निकालकर प्रतिरोध सभा की। परिसर से निकला कैंडिल मार्च लंका चौराहे पर मालवीय जी की प्रतिमा पर समाप्त हुआ। यहां वक्ताओं से प्रधानमंत्री से सवाल किए कि क्या मणिपुर हमारे देश का अखंड भाग नहीं है जो वहां हिंसा नहीं रोकी जा रही है ? वक्ता अक्षय यादव ने कहा कि महीनों से मणिपुर हिंसाग्रस्त है, हर रोज वहां हत्या और रेप जैसी बर्बर घटनाएं हो रही हैं। खबरों को दबाने के लिए इंटरनेट बैन कर दिया जा रहा है लेकिन स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश में सरकार पूर्णतः नाकाम रही है।