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तो इसलिए लुटेरों ने एसपी से कहा- हमें कहीं भी भेजें पर कन्नौज जेल न भेजें साहब

हिस्ट्रीशीटर बदमाशों पर फर्रुखाबाद जिले के कई थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं, पुलिस ने इनके पास से कुंडल, तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद की है

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Sep 25, 2017

up police arrested robbers

कन्नौज. लुटेरों की एक मांग को सुनकर खुद पुलिस अधीक्षक तब हैरान रह गए। जब लुटेरों ने उनसे गुहार लगाते हुए कहा कि साहब, आप हमको चाहें किसी भी जेल में भेज दें, लेकिन कन्नौज जेल में मत भेजिए। बता दें कि राह चलते लोगों से लूट करने वाले दो बदमाशों को पब्लिक ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। ये बदमाश एक महिला से लूट कर भाग रहे थे। फर्रुखाबाद के रहने वाले दोनों शातिर 21 सितंबर को ही जेल से बाहर आए हैं। पुलिस ने इन दोनों बदमाशों को पकड़कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों बदमाशों द्वारा लूट के मामलों का खुलासा किया है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मायापुरवा थाना तालग्राम निवासी सुभाष चंद्र की पत्नी गुड्डी देवी अपने बेटे सौरभ राजपूत के साथ बुखार की दवा लेने जा रही थीं। हाईवे के सर्विस रोड पर अतरौली मोड़ के निकट बाइक सवार बदमाशों ने उनके कुंडल छीन लिए। बेटे सौरभ ने यूपी-100 पर सूचना दी। इस पर एसओ तालग्राम सुरेश कुमार व पुलिस टीम ने घेराबंदी कर लोगों की मदद से दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए शातिरों में फर्रुखाबाद के थाना जहानगंज के न्योधापुर निवासी उमेश व राजवीर हैं।

दोनों हैं हिस्ट्रीशीटर बदमाश
बदमाशों के पास से कुंडल, तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई है। यह दोनों ही अपराधी जहांनगंज फर्रूखाबाद के रहने वाले हैं। दोनों ही बदमाश मोटर साइकिल से राहगीरों का पीछा कर लूट की वारदात को अन्जाम देते थे। यह दोनों ही शातिर किस्म के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं। पकड़े गए अपराधी उमेश पर 10 मुकदमे कायम हैं तो राजवीर पर 23 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इनके और भी अपराधी रिकार्ड खंगालने में लगी हुई है।

राजवीर पर फर्रुखाबाद के जहानगंज, मऊ दरवाजा, शमसाबाद व कन्नौज के तालग्राम थाने में 24 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, उमेश पर फर्रुखाबाद के नवाबगंज, जहानगंज, कन्नौज के तालग्राम थाने में दस मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि राजवीर वर्ष 1994 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। किशोरावस्था से ही वह अपराध करने लगा था।

बताया कि क्यों नहीं जाना कन्नौज जेल
लूट के इन अपराधियों ने कन्नौज पुलिस अधीक्षक गुहार लगाते हुए कहा कि आप हमको चाहे किसी भी जेल में भेज दें, लेकिन कन्नौज जेल में न भेजें। एसपी इनकी बात सुनकर चौंक गए और कारण पूछा कि आखिर ऐसा क्या है? अपराधियों ने बताया कि उनके कुछ साथी इस जेल में बन्द हैं, जिनसे इन्हें खतरा है। पुलिस अधीक्षक ने इन लोगों को यह आश्वासन देते हुए कहा कि इस बात की जानकारी न्यायालय को दे दी जायेगी।