21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दूसरे राज्यों में भेजी जाएगी यूपी की पुलिस, लेगी प्रशिक्षण

यूपी पुलिस नियुक्त किए गए कांस्टेबल को अब प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में भेजेगा। इसकी कवायद तेज कर दी गई है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Abhishek Gupta

Jul 24, 2018

UP police

UP police

लखनऊ. यूपी पुलिस नियुक्त किए गए कांस्टेबल को अब प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में भेजेगा। इसकी कवायद तेज कर दी गई है। दरअसल यूपी में भर्ती प्रशिक्षण केंद्र (आरटीसी) में सीमित सीटें होने के कारण करीब 8000 कांस्टेबल अन्य राज्यों व केंद्रीय पैरा-सैन्य बलों के प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजे जाएंगे।

इन राज्यों में होगी ट्रेनिंग-

2015 में आयोजित की गई परीक्षाओं के माध्यम से राज्य पुलिस विभाग द्वारा 28,000 हवलदार भर्ती किए गए थे। 11 जुलाई को इनकी ज्वाइनिंग होनी थी। लेकिन ट्रेनिंग न मिलने के कारण इसमें विलम्ब हो रहा है। अब उनमें से लगभग 8,000 हवलदार नियमित प्रशिक्षण के लिए तमिलनाडु, केरेला, बिहार, असम, महाराष्ट्र, राजस्थान, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों में भेजे जाएंगे।

सब-इंस्पेक्टरों और इंस्पेक्टर देंगे ट्रेनिंग-

एसपी (शहर) पूर्णेंद्र सिंह ने इस बारे में बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के आदेशों के बाद यूपी पुलिस मुख्यालय ने नए भर्ती किए गए हवलदारों की जिला स्तर पर सूची जारी की है जो प्रशिक्षण के लिए अन्य राज्यों के संस्थानों में भेजें जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन हवलदारों को सब-इंस्पेक्टरों और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। 25 जुलाई से 27 जनवरी, 2019 तक ये प्रशिक्षित किए जाएंगे। बाकी 20,000 भर्ती किए गए कॉन्स्टेबल को यूपी के चार भर्ती प्रशिक्षण केंद्र (चुनार, उन्नाव, मेरठ और गोरखपुर), 75 पुलिस लाइनों और 26 पीएसी बटालियनों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में सीमित सीटों के चलते यह फैसला लिया था।

दो चरण में होगा प्रशिक्षण-

आरटीसी के प्रशिक्षु भर्ती हुए नए लोगों को दो चरणों में भर्ती प्रशिक्षण देंगे। पहला चरण 25 जुलाई से 25 अक्टूबर तक होगा और दूसरा चरण 26 अक्टूबर से 27 जनवरी तक अन्य राज्यों में शुरू होगा। एसपी ने आगे कहा, "एक बार ये कॉन्स्टेबल अपना प्रशिक्षण पूरा कर लेते हैं, तो वे यूपी पुलिस के लिए काफी अच्छा होगा। वे दक्षिणी राज्यों से आने वाले आगंतुकों की भी सहायता कर सकेंगे।