
यूपी पुलिस के वीरों को राष्ट्रपति सम्मान
UP Police Medal 2026: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरव का दिन होगा। राज्य के कई पुलिस अधिकारियों और जवानों को उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और लंबे समय तक दी गई सेवा के लिए राष्ट्रपति पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इनमें एसटीएफ के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम भी शामिल है, जिन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक दिया जाएगा।
सुनील कुमार शामली में बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से शहीद हो गए थे। ड्यूटी के दौरान उनके साहस और बलिदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है।
इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति के अलग-अलग पदकों से सम्मानित किया जाएगा। उपलब्ध सूची के मुताबिक 12 पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 78 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति उत्कृष्ट सेवा पदक और 6 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक दिया जाएगा। इन सम्मानों में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर निरीक्षक, उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी और सशस्त्र पुलिस के जवान तक शामिल हैं।
राष्ट्रपति वीरता पदक पाने वालों में एसटीएफ के सात पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें एएसपी बृजेश कुमार सिंह, एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट के दीपक कुमार और संजय सिंह, शहीद इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार (मरणोपरांत), दीपक, एसटीएफ नोएडा फील्ड यूनिट के अक्षय परवीर कुमार त्यागी और सुनील कुमार शामिल हैं। एसटीएफ के इन जवानों ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और जोखिम भरे अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रपति उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवा पदकों की सूची में यूपी पुलिस के अलग-अलग स्तरों पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इनमें एडीजी, डीआईजी, एसपी, डीसीपी, एएसपी, डिप्टी कमांडेंट, निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर, कंपनी कमांडर और मुख्य आरक्षी तक के नाम हैं। इन पदकों का मकसद उन पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान देना है, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन और समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाई।
इस पूरी सूची में शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम खास तौर पर भावुक करने वाला है। उन्होंने अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवाई थी। अब स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का विषय नहीं, बल्कि ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति पूरे विभाग के सम्मान का प्रतीक भी है।
Updated on:
14 Aug 2026 07:48 pm
Published on:
14 Aug 2026 07:48 pm
