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UP School Reopening: इन बदलावों के साथ 100 दिन बाद आज से खुले UP के स्कूल, टीचरों के लिए लागू है यह नया नियम

- UP School Reopening - आज से खुलेंगे यूपी के माध्यमिक और परिषदीय स्कूल, - अभी पढ़ाई ऑनलाइन ही रहेगी जारी - बच्चों को स्कूल आने की मनाही, शिक्षकों को आना जरूरी होगा

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Jul 01, 2021

इन बदलावों के साथ 100 दिन बाद आज से खुले UP के स्कूल, टीचरों के लिए लागू है यह नया नियम

इन बदलावों के साथ 100 दिन बाद आज से खुले UP के स्कूल, टीचरों के लिए लागू है यह नया नियम

लखनऊ. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद अब संक्रमण के लगातार घट रहे मामलों के बीच यूपी में शैक्षणिक कार्यों से भी आंशिक रूप से प्रतिबंध हटाये जाने की शुरुआत हो चुकी है। योगी आदित्यनाथ सरकार के आदेश के बाद पिछले 100 दिनों से बंद चल रहे राज्य के सभी माध्यमिक और परिषदीय स्कूल को आज से खोला जा रहा है। हालांकि फिलहाल बच्चों को अभी स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन, विद्यालय प्रबंधन अपने अध्यापकों और कर्मचारियों को शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कामों के लिए जरूरत के अनुसार बुला सकते हैं। छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई ई-पाठशाला के माध्यम से जारी रहेगी। सरकार ने स्कूलों में सख्ती से कोरोना नियमों का पालन करने का आदेश भी दिया है।

जारी हुआ ये आदेश

आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के कहर के दौरान यूपी सरकार ने सभी स्कूलों को 30 जून तक बंद करने का आदेश दिया था। तभी से सरकारी, गैर सरकारी, परिषदीय आदि विद्यालयों में ऑनलाइन तरीके से शैक्षिक गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक) को भेजे निर्देश में कहा है कि कक्षा एक से आठ तक के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्य के लिए आने की अनुमति दी जा रही है। विद्यालय केवल प्रशासनिक कार्य के लिए खोले जा रहे हैं।

आज से इन कामों की होगी शुरुआत

- शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराना।

- निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण करना।

- परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प की गतिविधियों को पूरा करना।

- मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला का संचालन करना।

- जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से दूसरे महत्वपूर्ण काम और दायित्वों का संचालन करना।

- मध्यान्ह भोजन योजना (मिड डे मील) के तहत भेजी गई परिवर्तन लागत की धनराशि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बैंक खाते में भेजना और मिले खाद्यान्न का वितरण कराना।

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