
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर प्रशासक नियुक्त करने के निर्णय से पीछे हटना पड़ा है। सरकार ने कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव बीएल मीणा को बोर्ड का प्रशासक बनाने के फैसले को वाापस ले लिया है। अब बोर्ड का चेयरमैन चुने जाने के लिये 20 अप्रैल को चुनाव कराया जाएगा। सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सरकार द्वारा बोर्ड पर प्रशासक नियुक्त किये जाने के फैसले को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने भी इसपर कड़ा रुख अपनाया था।
असद अली खान की याचिका पर एक सप्ताह पहले सुनवाई के दौरान लखलऊ बेंच ने सरकार से पूछा था कि प्रशासक की नियुक्ति किस प्रावधान के तहत की गई। कोर्ट ने इसपर भी सवाल खड़े किये थे कि 19 मई 2020 को ही चेयरमैन वसीम रिजवी का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद अब तक चुनाव न कराए जाने के क्या कारण है। इस पर सरकार की ओर से कोरोना महामारी और उसके चलते बने हालात की दुहाई दी गई थी। हालांकि कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने वक्फ अधिनियम, 1995 में प्रशासक नियुक्त किये जाने का कोई प्रावधान न होने के बावजूद प्रशासक नियुक्त कर दिये जाने पर भी हैरानी जतायी थी। अदालत ने जल्द से जल्द बोर्ड का चुनाव कराने का आदेश देने के साथ ही अगली सुनवाई 25 मार्च को तय करते हुए इसी दनि अपने आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी तलब की थी।
इधर सरकार ने सुनवई से पहले ही देर रात बीएल मीणा को प्रशासक के पद से हटा दिया और अगले महीने अप्रैल में 20 अप्रैल को चुनाव कराने का फैसला ले लिया।
Published on:
25 Mar 2021 05:46 pm

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