
यूपी किराएदारी करारनामा
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. up tenancy law 2021 Update: उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन (द्वितीय) अध्यादेश-2021 के जारी हो जाने के बाद अब यूपी में किराएदारी के सिस्टम में काफी बदलाव किया गया है। इसमें न तो किराएदार की मनमानी चलेगी और न ही मकान मालिक की। इस कानून के बाद अब हर चीज रेंट एग्रिमेंट में लिखित में स्पष्ट होगी। आवस विभाग ने रेंट एग्रिमेंट का प्रारूप भी जारी कर दिया है। इसमें किराएदार और मकान मालिक के बीच तय मासिक किराया बताना तो अनिवार्य किया ही गया है, साथ ही अन्य कई छोटी-छोटी मगर जरूरी जानकारियां भी अनिवार्य बनाई गई हैं, जो अक्सर विवाद का कारण भी बनती हैं।
UP Rent Agreement Format जारी कर यह साफ कर दिया गया है कि मकान मालिक और किराएदार के बीच हर चीज लिखित रूप से तय होगी। एग्रिमेंट में अब किराएदार और मकान मालिक की फोटो लगेगी और उसका मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी भी दर्ज होगी और दोनों के हस्ताक्षर होंगे। मकान मालिक ने कितने अपना मकान किराएदार को कितने रुपये महीने किराये पर दिया है यह बताना जरूरी कर दिया गया है। इस बात का जिक्र करना जरूरी होगा कि कितना एरिया किराए पर दिया गया है और कितने दिनों के लिये दिया गया है। कब्जा देने की तारीख की जानकारी भी देनी होगी।
रेंट एग्रिमेंट में न सिर्फ किराये का जिक्र जरूरी होगी बल्कि उसके साथ दिये जाने वाले फर्नीचर समेत घर में लगे उपकरण व सामानों की भी पूरी जानकारी देनी जरूरी होगी। रेंट एग्रिमेंट में इस किराये के अतिरिक्त बिजली, पानी आदि अन्य शुल्क की जानकारी भी देनी होगी। घर में साज-सज्जा और फिटिंग्स के साथ ही दी जा रही दूसरी सेवाओं की पूरी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। किराएदारी में कुछ भी छिपा नहीं रहेगा।
Published on:
25 Apr 2021 11:25 am
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