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UP Travel Guide : वृंदावन के पागल बाबा मंदिर में दिखती है साम्प्रदायिक एकता की मिसाल

-UP Travel Guide : वृंदावन में नौ मंजिल ऊंचा है पागल बाबा का मंदिर- मंदिर से दिखाई देता है गोकुल, महावन, गोवर्धन- भारत की धार्मिक एकता का उदहारण है यह मंदिर

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Nov 03, 2019

UP Travel Guide

देश-प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर भाईचारे की मिसाल बना हुआ है

लखनऊ. ट्रैवल गाइड (UP Travel Guide) में आज बात उत्तर प्रदेश के वृंदावन के एक विशेष मंदिर की, जिसे पागल बाबा मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में आपको चारों धर्मों की झलक देखने को मिलेगी। प्रथम तल पर चर्च, दूसरे तल पर मस्जिद, तीसरे तल पर गुरुद्वारा और चौथे तल पर हिंदुओं का प्रसिद्ध मंदिर है। देश-प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर भाईचारे की मिसाल बना हुआ है।

मथुरा से करीब 13 किलोमीटर दूर मथुरा-वृंदावन मार्ग पर श्री लीलानंद ठाकुर बाबा का काफी पुराना मंदिर स्थित है। इसे पागल बाबा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर अपने आप में चारों धर्मों को संजोए हुए हैं। पागल बाबा का यह मंदिर नौ मंजिला है, जो संगमरमर के सफेद पत्थर का बना हुआ है। इस मंदिर को न तो किसी धनवान व्यक्ति ने बनवाया है और न ही दानदाताओं ने... पागल बाबा ने ही खुद के पैसों से इस मंदिर का निर्माण कराया है। हजारों की संख्या में यहां श्रद्धालु हर दिन दर्शन करने के लिए आते हैं।

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मंदिर से गोवर्धन पर्वत दिखता है
कई वर्षों से लगातार मंदिर में आ रहे अजय दुबे नाम के एक श्रद्दाळु ने बताया कि मंदिर में सबसे ऊपर जाने पर आपको सनातन धर्म की झलक देखने को मिल जाती है। मंदिर से पूरा वृंदावन तो दिखता ही है, इसके साथ गोकुल और महावन भी दिखाई देता है। अगर दूरबीन से देखा जाए तो गोवर्धन भी दिखाई देता है। अजय दुबे बताते हुए कहा कि यहां आने वाले भक्त खुद को धन्य समझते हैं। भक्तों को यहां अपार शांति मिलती है। मंदिर के मुख्य द्वार से जैसे ही प्रवेश करेंगे तो अलग-अलग धर्मों के प्रतिबिम्ब नजर आएंगे। इस मंदिर में हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मों की झलक दिखाई देती है।

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