साल 1985 की बात है, बिजनौर लोकसभा उपचुनाव में तत्कालीन कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार ने बसपा उम्मीदवार मायावती को हरा दिया था। तब दो दलित चेहरों की लड़ाई में जीत मीरा की हुई थी लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। अब मीरा को अपनी जीत के लिए माया का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। दरअसल राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार विपक्षी दलों के नेताओं से भेंट करने के सिलसिले में शुक्रवार को लखनऊ पहुंची। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती, समेत तमाम विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर समर्थन मांगा।