
लखनऊ. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 10 हजार पदों पर वैकेंसी जारी की थी।इसके लिए कुल 12 लाख बेरोजगारों ने आवेदन किया है, लेकिन अभी तक पदों की भर्ती ठप पड़ी हुई है। इतने बेरोजगारों को भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है। इन दोनों ही संस्थानों में दस हजार से भी अधिक पदों पर चयन अटका हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा आवेदक माध्यमिक शिक्षा सेवा चय़न आयोग के हैं।
विलय की वजह से टली परीक्षा
टीजीटी और पीजीटी पद के लिए 9 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पिछले साल परीक्षा तिथी अक्टूबर में तय की गई थी। लेकिन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन के विलय के जरीये नया आयोग गठित करने की बात कही गयी थी। इस वजह से परीक्षा टल गयी।
नहीं हो पा रहा विझापन
बोर्ड को टीजीटी और पीजीटी पदों के लिए विझापन नहीं मिल पा रहे हैं। बोर्ड को सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 794 प्रधानाचार्यों के साथ ही पीजीटी के 260 और टीजीटी के 1180 पदों की रिक्त होने की सूची मिली है।
पहले भी टली चुकी है परीक्षा
बोर्ड ने विझापन संख्या 47 के तहत सूबे के सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 35 विषयों के पद के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 2016 में वैकेंसी निकली थी। इसमें से 50 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। यहां भी परीक्षा टाल दी गयी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले सदस्यों का कोरम पूरा न होने और फिर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो पाने की वजह से ये परीक्षा टल गयी थी लेकिन गठन के चक्कर में परीक्षा फंस गयी थी। विझापन संख्या 46 के तहत विझापित असिस्टेंट प्रोफेसर के 45 में कम से दम दस हजार आवेदकों के हस्ताक्षर अटके हुए हैं। दोनों संस्थानोें के गठन की वजह से इतने सारे बेरोजगारों की भर्ती रूकी हुई है, जो उनके लिए परेशानी बनी हुई है।
Published on:
09 Jan 2018 03:28 pm
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